'अमरीका की बराबरी की मंशा नहीं'

  • 19 मई 2011
अमरीका और चीन की सैन्य शक्ति की तुलना*
चीन अमरीका
वर्ष 2010 में कुल बजट $78 बिलियन $729 बिलियन
जीडीपी % (2008) 2.0% 4.3%
कुल सैनिक 22.6 लाख 15.8 लाख
फ़ाइटर विमान 1,320 2,379
स्टेल्थ फ़ाइटर विमान 0 139
एयरक्राफ़्ट कैरियर 0 11
पनडुब्बी 65 71
डेस्ट्रॉयर समुद्री जहाज़ 27 57
परमाणु हथियार 240 9,400

*स्रोत - आईएचएस जेंस/आईआईएसएस/एसआईपीआरआई

एक वरिष्ठ चीनी जनरल ने कहा है कि चीन की अमरीकी सैन्य ताक़त से बराबरी करने की कोई मंशा नहीं है.

अमरीका के दौरे पर गए जनरल चेन बिंगडे ने वाशिंगटन में कहा कि हाल के वर्षों तरक्की के बावजूद चीनी सेना अमरीकी सेना जितनी 'एडवांस' नहीं हुई है.

लेकिन जनरल चेन ने चेतावनी दी कि अगर अमरीका तैवान को और हथियार बेचता है तो चीन अमरीकी रिश्तों के नुकसान हो सकता है.

चीन तैवान के एक विद्रोही प्रांसत मानता है जिसे पुन: चीन के साथ जुड़ जाना चाहिए.

'बड़ा अंतर'

जनरल चेन ने वाशिंगटन में नेशनल डिफ़ेस यूनिवर्सिटी में कहा, "चीन कभी भी अमरीका को चुनौती नहीं देना चाहता. हालांकि हाल के वर्षों में चीन के सैन्य विकास में काफ़ी प्रगति हुई है लेकिन अब भी अमरीका और चीन की सैन्य ताक़त में बहुत बड़ा अंतर है."

लेकिन जनरल चेन ये चेतावनी देना नहीं भूले कि अगर अमरीका ने तैवान को और हथियार बेचे तो दोंनो देशों के बीच संबंध प्रभावित होंगे.

जनरल चेन कहा, "प्रभाव कितना ख़राब होगा ये इस बात पर तय करेगा कि किस तरह के हथियार तैवान को दिए जाते हैं."

पिछले साल अमरीका के तैवान को छह बिलियन डॉलर के हथियार बेचने की घोषणा के बाद चीन ने अमरीका के साथ सैन्य संपर्कों पर विराम लगा दिया था.

जनरल चेन की अमरीका यात्रा पर चीनी मीडिया ने सकारात्मक माहौल बना रखा है. बीबीसी के रक्षा संवाददाता जोनाथन मार्कस के अनुसार ये इस बात का संकेत कि चीन अमरीका के साथ सैन्य संबंधों को कितनी गंभीरता से लेता है.

लेकिन संवाददाता के अनुसार इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों के बारे में कोई गलतफ़हमी नहीं होनी चाहिए क्योंकि सतही मधुरता के मुखौटे के पीछे कई अहम तनाव मौजूद हैं.

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