बीबीसी की कटौतियाँ वापस लेने की माँग

ब्रितानी संसद में हुई एक विशेष परिचर्चा में सभी प्रमुख दलों के सदस्यों ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में घोषित कटौतियों को वापस लेने की माँग की है.

उल्लेखनीय है कि बीबीसी हिंदी सेवा भी वर्ल्ड सर्विस का हिस्सा है.

गुरुवार को संसद में बहस की शुरुआत करते हुए संसद की प्रभावशाली विदेशी मामलों की समिति के प्रमुख रिचर्ड ओट्टवे ने कहा कि सरकार के ख़र्चों में कटौती के कार्यक्रम के तहत वर्ल्ड सर्विस के बजट में की गई कमी असंगत है.

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस सरकारी अनुदान के सहारे चलती है और सरकार ने अगले तीन वर्षों के दौरान इसमें 16 प्रतिशत की कमी करने का फ़ैसला किया है.

सत्तारूढ़ कंज़रवेटिव पार्टी के सांसद ओट्टवे ने इस फ़ैसले को ग़लत क़रार दिया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड सर्विस का ब्रिटेन के सौम्य शक्ति के लिहाज से बहुत ही महत्व है.

ओट्वे ने कहा, "जब दौर युद्ध और ख़बरों में तोड़-मरोड़ का हो, तो दुनिया भर में लोग वर्ल्ड सर्विस की निष्पक्षता, ईमानदारी, बहादुरी और सौम्यता पर यक़ीन करते हैं. चूंकि वर्ल्ड सर्विस का संबंध ब्रिटेन से है, इसलिए उसे भी इन गुणों से जोड़ कर देखा जाता है. यह सौम्य कूटनीति है और यह बहुमूल्य है."

आश्वासन

दूसरी ओर सरकार का कहना है कि सरकार की ख़र्चों में कटौती की योजना के तहत रक्षा मंत्रालय, शिक्षा विभाग और पुलिस समेत हर विभाग को अपने ख़र्च कम करने पड़ रहे हैं, इसलिए वर्ल्ड सर्विस उससे बच नहीं सकती.

बहस में भाग लेते हुए विदेश विभाग के मंत्री डेविड लिडिंग्टन ने कहा कि कई विभागों को तो वर्ल्ड सर्विस से भी ज़्यादा कटौती करने के लक्ष्य दिए गए हैं.

वैसे सरकार ने संसद में रखे गए एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है जिसमें वर्ल्ड सर्विस की कटौतियों पर पुनर्विचार करने की अपील की गई है. सरकार ने कहा है कि वह इस बात पर विचार करेगी कि क्या वर्ल्ड सर्विस के कुछ क्रियाकलाप अंतरराष्ट्रीय सहायता विभाग के बजट में समायोजित किए जा सकते हैं.

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने जनवरी में अपने ख़र्च में तीन वर्षों के दौरान 25 प्रतिशत कटौती की घोषणा की थी. इसके तहत पाँच भाषाओं के विभागों को बंद किया जा चुका है. कटौती कार्यक्रम के पूरी तरह लागू किए जाने पर वर्ल्ड सर्विस 600 से ज़्यादा नौकरियाँ जाएंगी.

कटौती का असर बीबीसी हिंदी सेवा पर भी पड़ा है. अब रोज़ाना ढाई घंटे की जगह हिंदी में मात्र एक घंटे का रेडियो प्रसारण किया जा रहा है.

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