अमरीका में बवंडर, 116 मौतें

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Image caption मिसौरी में आए तूफ़ान में कई लोग मारे गए हैं.

अमरीका के मिसौरी राज्य के अधिकारियों का कहना है कि रविवार को आए बवंडर और तूफ़ान में कम से कम 116 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

मिसौरी राज्य के शहर जॉपलिन के एक अधिकारी मार्क रॉर के अनुसार सात लोगों को बचा लिया गया है.

लेकिन सोमवार को भी तेज़ हवाओं और ख़राब मौसम के कारण राहत कामों में बाधाएं पहुंच रहीं हैं.

अधिकारियों का कहना है कि जॉपलिन शहर में आया तूफ़ान क़रीब दस किलोमीटर के क्षेत्र में आया है जिसमें कई घर टूट गए और इमारतों को भारी नुक़सान पहुंचा है.

आंधी तूफ़ान में बिजली गुल हो गई और टेलीफ़ोन लाइनें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

मिसौरी के गवर्नर जे निक्सन ने राज्य में आपात स्थिति की घोषणा कर दी है और चेतावनी दी है कि और तूफ़ान आ सकता है.

तबाही

जॉपलिन के फ़ायर सेवा के प्रमुख मिच रैंडल्स के अनुसार पचास हज़ार आबादी वाले शहर का लगभग एक चौथाई या उससे भी ज़्यादा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है.

अधिकारियों के अनुसार लगभग दो हज़ार मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं.

इस तूफ़ान में आस पास के राज्यों के कुछ इलाक़े भी प्रभावित हुए हैं. मिनेसोटा में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है.

जे निक्सन का कहना है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अभी बहुत से लोग ज़िंदा हैं जिन्हें बचाया जाना है.

व्हाईट हाउस से जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनकी यूरोपीय यात्रा के दौरान भी तूफ़ान से ज़ुड़ी ख़बरों की लगातार जानकारी दी जा रही है.

सोमवार को आयरलैंड पहुंचे ओबामा ने मिसौरी के गवर्नर जे निक्सन से फ़ोन पर बातचीत की और वहां मची भारी तबाही के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की.

ओबामा ने एक बयान जारी कर मिसौरी राज्य में प्रभावित लोगों से दुख का इज़हार किया.

पिछले महीने अल्बामा और छह अन्य दक्षिणी राज्यों में आए तूफान में कम से कम 350 लोगों की मौत हो चुकी है.

जॉपलिन ग्लोब न्यूज़पेपर के एक संवाददाता जेफ़ लेह्र का कहना है कि जब तूफ़ान आया तो वो अपने घर में थे उन्होंने तहख़ाने में जाकर जान बचाई.

लेह्र का कहना था, ‘‘शीशे टूट रहे थे. दरवाजे़ टकरा रहे थे. मेरे घर की छत ही उड़ गई. किसी भी घर पर छत बाक़ी नहीं रही.’’

जॉपलिन शहर का दक्षिणी हिस्सा इस तूफ़ान में सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कहा जाता है कि यह इलाक़ा पूरी तरह समतल हो गया है और यहां की लगभग हर इमारत टूट गई है.

सेंट जॉन रीजनल मेडिकल सेंटर के अधिकारियों के अनुसार मरने वालों की संख्या सौ से ज़्यादा है.

जॉपलिन के निवासियों को इस बवंडर की सूचना 20 मिनट पहले दी गई थी और इसी कारण कई लोग जान बचाने में भी सफल रहे हैं.

बवंडर ने जॉपलिन शहर को दो हिस्सों में बांट दिया है. एक हिस्सा जहां कोई इमारत सही दशा में नहीं बची है जबकि दूसरे हिस्से में स्थिति बेहतर है.

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