'द इकोनॉमिस्ट' भारतीय सेंसरशिप से नाराज़

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Image caption द इकोनोमिस्ट कश्मीर के नक्शे पर भारतीय सेंसरशिप से ख़फ़ा

अंग्रेज़ी की साप्ताहिक पत्रिका द इकोनॉमिस्ट ने भारत पर आक्रामक सेंसरशिप का आरोप लगाया है.

अख़बार का कहना है कि उसके नवीनतम संस्करण में भारत के नक्शे को ढकने पर मजबूर किया गया.

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस नक्शे में कश्मीर को पाकिस्तान, भारत और चीन में बंटा हुआ दिखाया गया है जो सही नहीं है.

भारत और पाकिस्तान दोनों समूचे कश्मीर पर अपना दावा करते हैं हालांकि 1948 से ये विभाजित है और इस पर दोनों पड़ोसियों के बीच दो युद्ध हो चुके हैं.

द इकोनॉमिस्ट के नए एडिशन की कोई 30,000 प्रतियों का भारत में वितरण हुआ है जिनमें कश्मीर के नक्शे पर एक सफ़ेद चिपकी लगी हुई है.

इस नक्शे का इस्तेमाल पत्रिका के प्रमुख लेख के लिए किया गया था जिसमें भारत और पाकिस्तान की सीमा को दुनिया की सबसे ख़तरनाक सीमा बताया गया है.

नक़्शे पर आपत्ति

भारतीय अधिकारियों ने पत्रिका को यह क़दम उठाने के लिए इसलिए मजबूर किया क्योंकि पूरे कश्मीर को भारत का भाग नहीं दिखाया गया है.

पत्रिका का कहना है कि वह वर्तमान वस्तुस्थिति को प्रदर्शित करने की कोशिश कर रही थी.

इस मामले में भारत पाकिस्तान और चीन के मुक़ाबले अधिक असहिष्णु है.

जबकि भारतीय पाठक इस राजनीतिक सच्चाई का सामना करने को तैयार है. कश्मीर की सीमाओं को लेकर भारत सरकार अकसर अंतरराष्ट्रीय प्रसार माध्यमों को निशाना बनाती रहती है.

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