जापानी बच्चे सबसे अच्छे

  • 24 मई 2011
Image caption आचरण में अव्वल जापानी बच्चे

दुनिया भर में स्कूली बच्चों के एक अध्ययन के अनुसार कक्षाओं में बच्चों के आचरण में सुधार हुआ है. अध्ययन के अनुसार जापानी बच्चों का व्यवहार सबसे बेहतर पाया गया है.

इस अध्ययन के मुताबिक़ चीन तीसरे स्थान पर है जबकि रूस का स्थान दसवां है.

ओईसीडी यानि आर्थिक सहयोग और विकास संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2000 के मुक़ाबले 2009 में कक्षाओं में कम रुकावट पैदा हुई.

कक्षा में ब्रिटेन के किशोरों का आचरण अंतर्राष्ट्रीय औसत से बेहतर पाया गया है.

लेकिन कक्षा में अच्छे आचरण के मामले में एशियाई देश शीर्ष पर हैं.

ओईसीडी ने अपने अध्ययन में छात्रों के आचरण के आंकड़ों का विश्लेषण किया है जिसमें शैक्षणिक व्यवस्था के प्रदर्शन की तुलना की गई है.

आम धारणा ग़लत

इस अध्ययन में आचरण की पड़ताल इस आधार पर की गई है कि कक्षा के दौरान 15 साल के छात्रों को शांत करने के लिए शिक्षक को कितना इंतज़ार करना पड़ता है यानि कक्षा में व्यवधान का स्तर क्या है.

अध्ययन से पता चला है कि साल 2000 में किए गए ऐसे ही वैश्विक विश्लेषण के मुक़ाबले 2009 में बच्चों के आचरण में सुधार हुआ है, वे कम शोर कर रहे हैं और कक्षाओं में कम रुकावट पैदा हो रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक़, ''लोकप्रिय धारणा ये है कि पहले के छात्रों के मुक़ाबले आजकल के छात्र कम अनुशासित होते हैं. शिक्षक अपनी कक्षा पर नियंत्रण खोते जा रहे हैं. लेकिन लोकप्रिय धारणा ग़लत साबित हुई है. साल 2000 और 2009 के बीच स्कूलों में अनुशासन के स्तर में गिरावट नहीं आई है बल्कि ज़्यादातर देशों में इसमें सुधार हुआ है.''

हालांकि अध्ययन में शामिल किए गए 38 देशों और क्षेत्रीय शैक्षिक व्यवस्था के बीच काफ़ी असमानताएं भी पाई गई हैं.

अध्ययन में एशियाई देश और क्षेत्र को शीर्ष 10 में से सात स्थान हासिल हुए हैं जबकि बाकी के तीन स्थान पूर्वी यूरोप को मिले हैं.

चीन की दो स्कूली व्यवस्थाएं - शंघाई और हांगकांग, शीर्ष चार में शुमार हैं जिससे पता चलता है कि चीन किस तरह शैक्षणिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है.

दिसंबर में प्रकाशित किए गए एक अध्ययन के नतीजों के मुताबिक़ शैक्षणिक हुनर के मामले में चीन की स्कूली व्यवस्था विश्व में उच्च स्तर की है.

किशोरों के आचरण के इस अध्ययन में ब्रिटेन 28वें स्थान पर है जो कि अमरीका और जर्मनी से पीछे है लेकिन फ़्रांस और इटली से बेहतर है.

स्कूली शिक्षा के स्तर के इस वैश्विक अध्ययन में स्कैंडिनेवियन देश सबसे निचले पायदान पर हैं.

वैश्विक स्कूल वरीयता क्रम में सामान्यत: शीर्ष पर रहने वाला फ़िनलैंड इस अध्ययन में नीचे से तीसरे स्थान पर है.

केवल अर्जेंटीना और ग्रीस ही ऐसे देश हैं जहां कक्षा में रुकावट का स्तर फ़िनलैंड से भी ख़राब है.

लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक़ कक्षा में रुकावट का वैश्विक स्तर आमतौर पर सुधरा है.

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