यमन में ज़बरदस्त लड़ाई

  • 25 मई 2011
यमन में राष्ट्रपति सालेह का विरोध बढ़ा इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption यमन में विरोध प्रदर्शन तेज़ हुआ

यमन की राजधानी सना में सुरक्षा बलों और देश के सबसे बड़े कबीले के लोगों के बीच ज़बरदस्त लड़ाई हो रही है.

हशीद कबीला भी राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालोह के ख़िलाफ़ चल रहे आँदोलन में शामिल हो गया है. प्रशासन का कहना है कि कम से कम 38 लोग मारे जा चुके हैं.

तीन महीने पहले ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद से यमन में भी पिछले कई महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.

वहाँ प्रदर्शनकारी 1978 से सत्ता में बने हुए राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के इस्तीफ़े और राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं.

कबीला प्रमुख के निवास पर धावा

मंगलवार को पूरे दिन सना की सड़कों पर बंदूकों की गोलियों और गोलों की आवाज़ें आती रहीं.लड़ाई उस समय शुरू हुई जब सरकारी बलों ने शक्तिशाली हशीद कबीले के प्रमुख शेख़ सादिक. के निवास पर धावा बोलना चाहा.

उनके समर्थन में हज़ारों लड़ाके सड़कों पर उतर आए और उन्होंने शहर के महत्वपूर्ण भागों पर नियंत्रण कर लिया. उन्होंने कई सरकारी मंत्रालयों की छतों पर बंदूकधारी तैनात कर दिए.

यह झड़पें रविवार के राष्ट्रपति सालेह द्वारा उस समझौते पर दस्तख़त करने से इंकार करने के बाद शुरू हुईं हैं जिसके अनुसार उन्हें मुक़दमा न चलाए जाने के एवज़ में अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना था.

इस हिंसा से लग रहा है कि यमन संकट और विकराल रूप धारण करता जा रहा है.

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