'आदिवासी विकास में रोड़े'

  • 26 मई 2011
आदिवासी

दुनिया भर में आदिवासियों के अधिकारों के लिए काम कर रही संस्था 'सरवायवल इंटरनेशनल' ने विकीलीक्स के नए केबलों पर जानकारी जुटाई है और एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. इस विज्ञप्ति में केबलों से जुटाई जानकारी सामने आई है.

इन केबलों के अनुसार अमरीका के राजनयिकों का मानना है कि भारत सरकार देश के आठ करोड़ चालीस लाख आदिवासियों के उपर हो रहे अत्याचार को ख़त्म करने की न तो इच्छा रखती है न वो कर पा रही है.

ये बातें भारत के अंग्रेज़ी दैनिक 'हिंदू' द्वारा रिलीज़ किए गए केबलों से सामने आ रही हैं.

Image caption भारत के आदिवासियों का शोषण जारी है.

केबलों से पता चला है कि अमरीकी सरकार को इस बात का भय है कि आदिवासियों को इस तरह से नज़रअंदाज़ करने से नक्लसलियों को फ़ायदा हो रहा है.

एक तरफ़ जहां भारत सरकार आर्थिक प्रगति पर ध्यान केन्द्रित कर रही है दूसरी तरफ़ केबलों से ये बात सामने आई है कि बढ़ती आबादी और आर्थिक प्रगति ने आदिवासियों की हालत को और ख़राब कर दिया है. उनके जंगल और संसाधन सिकुड़ने से स्थिति और गंभीर हो रही है.

जंगल और ज़मीन

सरकार ने आदिवासियों की बदहाली को देखते हुए वन अधिकार क़ानून ज़रूर पारित कर दिया है जिसमें वनों पर उनके मौलिक अधिकार की रक्षा की बात है लेकिन इन केबलों ने एक बार फिर इशारा किया है कि देश में कई लोगों के निहित स्वार्थ हैं जिसने जंगलों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

इन केबलों में कहा गया है कि ये मामला गंभीर है. ग़ैर आदिवासियों ने भ्रष्ट तरीक़ों का इस्तेमाल कर आदिवासियों को उनके जंगलों और ज़मीन से बेदख़ल कर दिया है. ये पूरे देश के आदिवासियों की सबसे बड़ी समस्या है.

विकीलीक्स केबलों का दावा है कि भारत में ये लोगों की एक आमराय है कि आदिवासी प्रगति की राह में रोड़े हैं जिन्हे जंगलों से निकाल देना चाहिए और ‘मुख्यधारा’ से जो़ड़ना चाहिए.

गैर सरकारी संगठन 'सरवायवल इंटरनेशनल' के निदेशक स्टीफ़न कौरी का कहना है कि इन विकिलिक्स केबलों के अनुसार ये लगता है कि भारत में आदिवासियों का समन्वय एक तरह से उन्हें भूमिहीन मज़दूर बना कर सामाजिक सीढ़ी के सबसे निचले पायदान पर खड़ा कर देना हो गया है.

स्टीफ़न कौरी का कहना है कि लंबा समय बीत गया है और अब तो भारत को अपने आदिवासियों के साथ हुए अन्यायों का जवाब देना ही होगा.

कौरी का कहना है कि इस बड़ी आबादी को कथित मुख्यधारा में ग़लत तरीक़े से मिलाना बंद करना होगा. उनका कहना है कि जब तक ये नहीं बदलेगा, विकीलीक्स के केबलों से भी जैसा पता चलता है कि स्थिति नहीं बदलेगी.

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