यूरोप के 'मोस्ट वॉंटेड' म्लाडिच की गिरफ़्तारी की सराहना

  • 27 मई 2011
राजनीतिक नेता कराडज़िच (बाँए) और रात्को म्लाडिच इमेज कॉपीरइट AP
Image caption राजनीतिक नेता कराडज़िच गिरफ़्तार हो चुके हैं और म्लाडिच 16 साल बाद पकड़े गए हैं

बोस्निया युद्ध के दौरान लगे जनसंहार के आरोप झेल रहे, यूरोप के 'मोस्ट वॉंटेड' सर्बियाई सैन्य कमांडर रात्को म्लाडिच की गुरुवार को हुई गिरफ़्तारी की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सराहना की है.

सोलह साल तक गिरफ़्तारी से बचने के बाद, सर्बियाई सैन्य कमांडर रात्को म्लाडिच को बेलग्रेड से 85 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव से गिरफ़्तार किया गया है.

म्लाडिच पर 1995 में बास्निया के युद्ध के दौरान स्रेबरेनिका में कम से कम 7500 मुसलमान पुरुषों और लड़कों के जनसंहार में भूमिका निभाने का आरोप है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने म्लाडिच को खेजने में सर्बिया के राष्ट्रपति बोरिस टाडिक के प्रयासों की सराहना की है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी और स्वीडन के विदेश मंत्री कार्ल बिल्ट ने भी गिरफ़्तारी पर ख़ुशी का इज़हार किया है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि युद्ध अपराधियों को समझ लेना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून के हाथ लंबे हैं और उसकी याददाश्त भी लंबी है.

हालाँकि बोस्निया से मिश्रित प्रतिक्रिया आ रही है. म्लाडिट के कई समर्थकों ने राजधानी सालाजीवो में विरोध प्रदर्शन किए हैं और यही हाल कुछ ग्रामीण इलाक़ों का है जहाँ उन्हें 'वॉर हीरो' यानी युद्ध के नायक के रूप में देखा जाता है.

लेकिन जो लोग बोस्निया की लड़ाई के पीड़ित हैं उन्होंने इस ख़बर का स्वागत किया है. स्रेबरेनिका के पीड़ित परिवारों की एक प्रवक्ता हायरा साटिच ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "सोलह साल के इंतज़ार के बाद पीड़ितों के परिवार को सुकून मिला है."

'प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरु'

रात्को म्लाडिच की गिरफ़्तारी की घोषणा करते हुए सर्बिया के राष्ट्रपति बोरिस टाडिच ने कहा है कि अब रात्को म्लाडिच को अंतरराष्ट्रीय युद्धापराध ट्राइब्यूनल में प्रत्यार्पित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है.

राष्ट्रपति बोलिस टाडिच ने कहा कि म्लाडिच की गिरफ़्तारी से सर्बियाई इतिहास का एक अध्याय बंद हो गया है और अब उनके देश के यूरोपीय संघ में दाख़िल होने का रास्ता खुल गया है

सर्बिया की सरकार चाहती है कि म्लाडिच को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय युद्धापराध ट्राइब्यून के समक्ष भेजा जाए. लेकिन म्लाडिच संयुक्त राष्ट्र द्वारा गठित युद्धापराध ट्राइब्यूनल की वैधता को स्वीकार नहीं करते हैं.

लेकिन इस मामले में उनकी सुनवाई फ़िलहाल रोक दी गई है ताकि उनका मेडिकल इग्ज़ामिनेशन कराया जा सके. उनके वकील मिलोस सालजिक ने कहा कि उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति कमज़ोर है और वे बातचीत करने के काबिल नहीं हैं.

इस मामले में अब शुक्रवार को आगे सुनवाई होगी.

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