मिस्र ने रफ़ाह सीमा पर प्रवेश से पाबंदी हटाई

रफ़ाह सीमा चौकी
Image caption मिस्र रफ़ाह सीमा चौकी के रास्ते आवाजाही में ढील दे रहा है.

मिस्र अब से कुछ देर बाद गज़ा पट्टी के साथ रफ़ाह सीमा के रास्ते आवाजाही पर लगी पाबंदी को ढील दे दी है.

मिस्र के इस क़दम से और अधिक फ़लस्तीनी इस सीमा के आर-पार आज़ादी से जा सकेगें.

लेकिन व्यापार के लिए रफ़ाह सीमा अब भी बंद रहेगी.

चार साल पहले जब हमास ने गज़ा को अपने नियंत्रण में ले लिया था तब से इसराइल और मिस्र इस बॉर्डर क्रॉसिंग को बंद कर दिया था.

अब इसराइल ने मिस्र के इस फ़ैसले की आलोचना की है. इसराइल ने कहा है कि हथियारों की तस्करी रोकने के लिए रफ़ाह पर पाबंदी ज़रुरी है.

संवाददाताओं का कहना है कि ये क़दम पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को हटाए जाने के बाद मिस्र की नीति में परिवर्तन का एक और संकेत है.

ग़ौरतलब है कि पिछले महीने मिस्र ने फ़लस्तीन के प्रतिद्वंद्वी गुटों, हमास और फ़ताह के बीच एकजुटता का समझौता करवाया था. इसराइली ने इसका विरोध किया था.

ज़मीन के नीचे से रास्ता

फ़ताह वेस्ट बैंक का संचालन करता है जबकि गज़ा का प्रशासन हमास के पास है.

शनिवार से पहले रफ़ाह सीमा से प्रतिदिन तीन सौ फ़लस्तीनी को ही जाने दिया जाता था.

अब मिस्र ने कहा है कि ये क्रॉसिंग शुक्रवार और अवकाश के दिन के अलावा सुबह नौ से रात नौ बजे तक खुली रहेगी.

पिछले साल इसराइल ने गज़ा में सामान की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों में थोड़ी ढील दी थी लेकिन अब भी वहां सामान की भारी किल्लत बनी हुई है.

वर्ष 2010 में रेड क्रॉस ने कहा था कि गज़ा में प्रवेश की पाबंदी अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून का उल्लंघन है.

मिस्र और गज़ा के बीच सीमा के नीचे से कई अवैध सुरंगे हैं जिनके रास्ते तस्करी के ज़रिए सामान गज़ा पहुंचता है.

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