इतिहास में आज

इतिहास में आज के दिन के पन्ने पलटें तो पाएगें कि आज ही के दिन माउन्ट एवरेस्ट पर इंसान ने कदम रखा था. आज ही के दिन ब्रसेल्स में फुटबॉल प्रेमियों के बीच झगडे के चलते 39 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे.

1953 : एवरेस्ट की चोटी मनुष्य ने की फ़तह

Image caption हिलेरी और नोर्गे की एवरेस्ट पर चढ़ाई के 50 साल बरस पूरे होने तक 1300 से ज़्यादा लोगों ने एवरेस्ट पर चढ़ाई कर ली थी

न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी और नेपाल के तेनजिंग नोर्गे ने आज ही के दिन साल 1953 में नेपाल तिब्बत सीमा पर दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने में सफलता पाई थी.

स्थानीय समयानुसार इन पर्वतारोहीयों ने 11.30 बजे इस पर्वत की चोटी पर कदम रखा था.

हिलेरी ने इस मौके पर तेनजिंग की संयुक्त राष्ट्र संघ, नेपाल और भारत के झंडों के साथ कई तस्वीरे लीं.

इस मौके पर तेनजिंग बौद्ध परम्परा के अनुसार एवरेस्ट की चोटी पर मिठाईयां और बिस्किट बर्फ में दबा कर भगवान को प्रसाद चढ़ाया.

इसके बाद इन दोनों पर्वतारोहियों ने नीचे की तरफ अपनी यात्रा शुरू की.

नीचे जब इनके साथियों ने इन्हें दूर से थका मांदा आते हुए देखा तो उन्हें लगा कि ये लोग असफल हो गए हैं और अब एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए दूसरा प्रयास करना होगा.

1985: यूरोपीयन फुटबॉल कप के फाईनल को लेकर हुए दंगों में 39 खेलप्रेमी मरे

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Image caption ब्रुसेल्स के हादसे के बाद इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के बहुत ही ज़्यादा कड़े इंतजाम कर दिए गए

साल 1985 में आज ही के दिन जुवेंटस क्लब के 39 प्रशंसक यूरोपीयन क्लब के फुटबॉल फाईनल के दौरान लिवरपूल क्लब के प्रशंसकों से बचने के प्रयासों से पैदा हुई भगदड़ में मारे गए थे.

दिन भर ज़्यादातर प्रशंसक शराब पीते रहे थे. मैच की शुरुआत तो ठीक-ठाक हुई थी लेकिन थोड़ी ही देर में माहौल हिंसक हो गया.

किक ऑफ के चंद ही मिनटों में लिवरपूल के प्रशंसक जुवेंटस के प्रशंसकों की तरफ बढ़े.

पीछे हटते जुवेंटस के प्रशंसकों के दबाव में एक दीवार गिर गई और भगदड़ मच गई.

इस घटना के समय मैदान में करीब 58,000 दर्शक मौजूद थे.

इस हादसे में 350 लोग घायल भी हुए.

दुर्घटना के बावजूद इस मैच को नहीं रोकने का फैसला लिया गया और जुवेंटस ने ये मैच 1 - 0 से जीत लिया.

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