यमन में हिंसा पर विराम

यमन इमेज कॉपीरइट BBC World Service

यमन से आ रही ख़बरों के मुताबिक़ वहां की सरकार और देश के सबसे शक्तिशाली क़बाइली समुदाय के नेता में युद्धविराम पर समझौता हो गया है.

इस सुलह के बाद यमन में पिछले कई दिनों से चल रही हिंसा के ख़त्म होने के आसार बताए जा रहे हैं.

यमन में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के पद छोड़ने के क़रार पर दस्तख़त करने से इनकार करने के एक दिन बाद सोमवार को शुरू हुई हिंसा में अब तक 100 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

समझौते के बाद क़बाइली समुदाय के सदस्यों ने राजधानी सना में उन सरकारी इमारतों को खाली करने की बात कही है जिनपर उन्होंने बुधवार को कब्ज़ा कर लिया था.

यमन के मौजूदा राष्ट्रपति अली अब्दुलाह सालेह और सबसे शक्तिशाली क़बाईली समुदाय हाशिद के नेता शेख़ सादिक़ अल की सेनाएं एक दूसरे से लड़ती आ रही थी.

हालांकि एक क़बाइली मध्यस्थ के मुताबिक़ दोनों पक्षों ने अब अपनी सेनाओं को हटाने पर सहमती जताई है.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption राष्ट्रपति सालेह के विरोध में हजारों लोग शुक्रवार की नमाज़ में मौजूद थे.

उधर अधिकारीयों का कहना है कि दक्षिणी यमन में तीन फ्रांसीसी सहायता कर्मी लापता हैं और माना जा रहा है कि उन्हें अगवा कर लिया गया है.

सड़कों पर जंग

माना जा रहा है कि युद्धविराम की इस घोषणा के बाद यमन में गृह युद्ध होने का ख़तरा टल सकता है.

क़बाइली लड़ाकों और सरकारी सेना के बीच लड़ाई की शुरुआत सोमवार को उस समय हुई थी जब राष्ट्रपति सालेह की वफ़ादार सेना ने हाशिद नेता शेख़ सादिक़ अल अहमर के कंपाउंड की घेरेबंदी कर दी.

इस घटना के बाद हाशिद नेता के वफादार क़बाइली लड़कों ने जवाबी कार्रवाई में इलाके की कई सरकारी इमारतों पर अपना कब्ज़ा जमा लिया.

हालांकि मामले में मध्यस्था कर रहे क़बाइली नेता के मुताबिक़ दोनों पक्षों ने रविवार की सुबह से हस्साबा इलाके से अपनी सेनाओं का हटाने पर सहमती जता दी है.

इस बीच फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि यमन में तीन फ्रांसीसी नागरिक लापता हैं और उन्हे ढूढने के हर संभव प्रयास जारी हैं.

इससे पहले अमरीका और ब्रिटेन ने यमन में अपने सभी ग़ैर-ज़रूरी राजनयिकों और नागरिकों से देश छोड़ने का आदेश भी दिए थे.

संबंधित समाचार