संविधान सभा का कार्यकाल बढ़ा

  • 29 मई 2011
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नेपाल में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के बीच एकदम अंतिम क्षणों में हुए समझौते के तहतसंविधान सभा का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने अपने पद से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है.

नेपाल में नया जनतांत्रिक संविधान लिखने के लिए चुनी गई संविधान सभा का कार्यकाल शनिवार की रात 12 बजे समाप्त होने वाला था.

इसे देखते हुए रात को पार्टियों के बीच वार्ता के दौर चले ताकि शांता प्रक्रिया और संविधान सभा के मुद्दे पर कोई सहमति बन सके.

बाद में स्पीकर ने घोषणा की कि संविधान सभा का कार्यकाल बढ़ाने के सरकार के प्रस्ताव को दो तिहाई मत मिल गए हैं.

वहीं झलनाथ खनाल ने इस्तीफ़े की पेशकश की है ताकि राष्ट्रीय एकता वाली सरकार का रास्ता साफ़ हो सके जिसमें सभी पार्टियाँ शामिल होंगी.

आगे का रास्ता

हालांकि डेमोक्रेटिक मधेशी फ़्रंट के 71 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. उनका कहना है कि मुख्य पार्टियों ने उनकी माँगों पर गौर नहीं किया है.

पर्यावरण मंत्री सुनील मननधर ने कहा है कि प्रधानमंत्री खनाल ने इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है लेकिन सरकार अगले तीन महीनों तक बने रहेगी.

पाँच सूत्रीय समझौते के तहत संविधान सभा का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाया जाएगा, शांति प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिसमें पूर्व विद्रोहियों को मुख्यधारा में शामिल करना शामिल है.

तीन बड़ी पार्टियों में ये समझौता हुआ है कि वे बारी-बारी से सरकार चलाएँगी. हालांकि प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े के पेशकश का अलग-अलग मतलब निकाला जा रहा है.

झलनाथ खनाल के मीडिया सलाहकार का कहना है कि प्रधानमंत्री तभी इस्तीफ़ा देंगे जब बड़ी पार्टियों के बीच वर्तमान सरकार की जगह सर्वसम्मति वाली राष्ट्रीय सरकार बनाने पर सहमति हो जाएगी.

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