ज़ख़्मी सालेह सऊदी अरब में, यमन में जश्न

  • 5 जून 2011
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Image caption रियाद में इलाज करा रहे हैं राष्ट्रपति सालेह

यमन में हज़ारों लोग राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला साहेल के सऊदी अरब जाने पर खुशी मना रहे हैं.

शुक्रवार को राष्ट्रपति परिसर पर हुए हमले में सालेह ज़ख्मी हो गए थे और सऊदी अरब में उनका इलाज चल रहा है.

सना विश्वविद्यालय के चौराहे पर छात्र और राजधानी की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोगों ने नारे लगाकर और झंडे लहराकर राष्ट्रपति सालेह के देश से जाने की खुशी मनाई है.

लेकिन राजधानी सना में धमाके और गोलीबारी की आवाज़ें भी सुनी गई हैं.

बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार राजधानी सना के उत्तर में स्थित एक सैन्य परिसर में हुए ग्रेनेड हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं.

ख़बरें मिल रही हैं कि राष्ट्रपति सालेह की वफ़ादार सेना और विद्रोही अल अहमर कबाइली लड़ाकों के बीच नई लड़ाई शुरू हो गई है.

उधर, यमन के एक अन्य शहर ताएज़ में ताज़ा गोलीबारी शुरू हो गई है जिसमें पांच लोग मारे गए हैं और कई अन्य ज़ख़्मी हुए हैं.

मरनेवालों में यमन के चार सैनिक और एक हमलावर शामिल हैं.

इस बीच यमन में राष्ट्रपति सालेह की जगह राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल रहे अब्द रब्बू मंसू हादी ने सना में मौजूदा हालात पर विचार करने के लिए अमरीकी राजदूत गेराल्ड फीर्स्टीन से मुलाक़ात की है.

कई वरिष्ठ अधिकारियों और राष्ट्रपति के परिवार के 35 लोगों ने यमन छोड़ दिया है.

हालांकि एक अधिकारी ने ये कहा कि वो कुछ दिन में यमन लौट आएंगे.

सऊदी अरब में सालेह

संकट और विरोध का सामना कर रहे यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह इलाज के लिए सऊदी अरब में हैं.

सालेह सऊदी अरब के एक विशेष चिकित्सा विमान से शनिवार सुबह रियाद पहुंचे.

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Image caption इसी मस्जिद पर हुए हमले में सालेह ज़ख़्मी हुए

शुक्रवार को उनके परिसर की अल नहदाईन मस्जिद पर रॉकेट हमला हुआ था जिसमें राष्ट्रपति सालेह और उनके कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी ज़ख्मी हो गए थे.

ये सभी लोग राजधानी सना के दक्षिण में स्थित राष्ट्रपति परिसर की मस्जिद में दोपहर बाद प्रार्थना कर रहे थे, तभी रॉकेट से हमला हुआ.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ राष्ट्रपति सालेह विमान से चलकर बाहर निकले हालांकि उनकी गर्दन, सिर और चेहरे का ज़ख़्म साफ़-साफ़ नज़र आ रहा था.

उनके परिवार के कई सदस्य भी उनके साथ मौजूद थे. सरकारी अधिकारियों ने सालेह विरोधियों का साथ दे रहे सशस्त्र कबीलाई लड़ाकों पर हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया है जिसमें सात लोग मारे गए हैं, हालांकि उन्होंने इस आरोप का खंडन किया है.

सालेह के बाद?

इस बात को लेकर कई शंकाएं हैं कि सालेह कभी लौट कर यमन आएंगे भी या नहीं और ये भी कि अरब जगत में हुए सत्ता विरोधी प्रदर्शन की परिणति तीसरे अरब नेता के पतन के रूप में तो नहीं हुई है. राष्ट्रपति सालेह ने यमने पर 33 साल तक शासन किया है.

इस दौरान उन्होंने कई विद्रोह, बग़ावत और गृह युद्ध का सामना करते हुए अपनी सत्ता बरकरार रखी है.

राष्ट्रपति सालेह पिछले कई महीनों से लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन और विद्रोही कलीबाई नेताओं के हिंसक विरोध का सामना कर रहे हैं.

पिछले हफ़्ते में विद्रोही कबीलाई लड़ाकों और उनकी वफ़ादार सेना के साथ संघर्ष तेज़ हो गया है.

अगर राष्ट्रपति सालेह सऊदी अरब से वापस नहीं आते हैं तो उनकी जगह लेने के लिए सत्ता का नया संघर्ष शुरू हो सकता है.

यमन के उपराष्ट्रपति, सालेह के बड़े बेटे, दूसरे कबीलाई नेता और लोकप्रिय प्रदर्शनकारी - सभी देश का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश कर सकते हैं.

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