घातक ई-कोलाई ने 20 जानें लीं

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घातक बैक्टीरिया ई-कोलाई के संक्रमण की वजह से यूरोप में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 1600 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं.

ख़बरें हैं कि अब ये अमरीका तक फैल गया है.

अमरीकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि हाल ही में जर्मनी के प्रवास से लौटे दो लोगों में ई-कोलाई बैक्टीरिया का पता चला है.

वैज्ञानिक अभी भी इसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

फैलाव

ई-कोलाई की वजह से ज़्यादातर मौतें जर्मनी में ही हुई हैं.

वहाँ अब तक ख़ूनी दस्त के एक हज़ार से अधिक मामलों का पता चला है जबकि 470 लोग ख़ून और गुर्दे से संबंधिक बीमारी से ग्रस्त हैं.

वैसे स्वीडन में भी एक व्यक्ति के मौत की ख़बरें हैं.

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Image caption माना जा रहा है कि सब्ज़ियों से इस बैक्टिरिया का फैलाव हुआ है

ब्रिटेन में कम से कम सात लोगों के इससे पीड़ित हैं जिनमें से तीन ब्रिटिश नागरिक हैं.

माना जा रहा है कि इन सभी को ये संक्रमण जर्मनी में ही हुआ है.

इसके अलावा स्वीडन, डेनमार्क, नीदरलैंड्स, और स्पेन में भी इस बैक्टीरिया से संक्रमण का पता चला है.

इससे पहले कहा जा रहा था कि इस बैक्टीरिया का फैलाव स्पेन से हुआ है लेकिन इसके कोई सबूत नहीं मिले हैं.

इसके बाद स्पेन ने कहा है कि सब्ज़ियों की बिक्री रुकने की वजह से नुक़सान के लिए यूरोपीय संघ से भरपाई का दावा कर सकता है.

ई-कोलाई से मौतों की ख़बर के बाद रूस ने यूरोपीय संघ के देशों में पैदा हुई ताज़ा सब्ज़ियों के आयात पर रोक लगा दी है.

रूस यूरोपीय संघ के लिए सब्ज़ियों का सबसे बड़ा बाज़ार है.

रूस के इस फ़ैसले के बाद यूरोपीय संघ ने रूस से आयात पर लगी रोक को हटाने की अपील की है.

इसकी वजह से कई बार लोगों का गुर्दा भी काम करना बंद कर देता है और संक्रमित व्यक्ति की मौत हो जाती है.

बैक्टीरिया का नया रूप

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Image caption ई-कोलाई को अब तक घातक नहीं माना जाता था

इस बीच वैज्ञानिकों ने कहा है कि जर्मनी में जिस ई-कोलाई बैक्टीरिया का पता चला है वह इसकी नई प्रजाति है.

उनका कहना है कि इसकी वजह से घातक ख़ून और गुर्दे को प्रभावित करने वाली बीमारी हेमोलिटिक यूरेमिक सिंड्रोम (एचयूएस) हो सकती है.

डॉक्टरों का कहना है कि हो सकता है कि बैक्टीरिया की इस नई प्रजाति में ज़्यादा लोगों को प्रभावित करने की क्षमता विकसित हो गई हो.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ई-कोलाई के इस घातक रूप का आज तक पता नहीं था.

वैज्ञानिकों का कहना है कि वैसे तो ई-कोलाई एक तरह का एक सामान्य बैक्टीरिया है जो इंसानों और मवेशियों के पेट में हमेशा रहता है.

इसके ज़्यादातर रूप हानिरहित हैं,लेकिन ई-कोलाई के कुछ बैक्टीरिया घातक हैं और वह पेट में मरोड़ और दस्त जैसे लक्षण पैदा करते हैं.

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