मैं ठीक हूं:यमन के राष्ट्रपति सालेह

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Image caption सना में क़बायली नेता शेख़ सादिक़ अल अहमर के घर के पास लड़ाई के बाद उठता धुआँ

यमन के राष्ट्रपति अली अबदुल्लाह सालेह ने कहा है कि वो ख़ैरियत से हैं.

सरकारी टीवी पर उनका एक बयान जारी हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन पर हुए हमले में सात लोग मारे गए हैं.

हमले के छह घंटे बाद जारी बयान में सिर्फ़ उनकी आवाज़ सुनाई गई जिसमें उन्होंने हमले के लिए अपने क़बायली दुश्मनों को ज़िम्मेदार ठहराया.

अपने बयान में राष्ट्रपति सालेह ने अपने वफ़ादार सैनिकों से कहा कि वे उनके क़बायली विरोधियों का जमकर मुक़ाबला करें.

शुक्रवार को राजधानी सना में राष्ट्रपति भवन परिसर पर हमला हुआ था और इसमें राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह भी घायल हो गए थे.

हमले में राष्ट्रपति के घायल होने को लेकर भ्रम की स्थिति थी लेकिन एक सरकारी सूत्र ने बीबीसी से हमले में राष्ट्रपति के घायल होने की पुष्टि करते हुए बताया था कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.

यमन सरकार के एक प्रवक्ता ने इससे पहले बताया कि परिसर के भीतर एक मस्जिद पर दो गोले आकर गिरे और कई अधिकारी घायल हो गए.

मगर प्रवक्ता ने राष्ट्रपति के घायल होने की ख़बरों का खंडन किया था और कहा था कि वे बहुत जल्द देश को संबोधित करेंगे.

बताया जा रहा है कि हमले में यमन के प्रधानमंत्री और संसद के स्पीकर को भी चोटें आईं थीं और चार प्रहरी मारे भी गए थे.

इससे पहले यमनी सैनिकों ने एक क़बायली नेता के भाई के घर पर गोलाबारी की.

क़बायली नेता के एक प्रवक्ता ने बाद में कहा कि इसका जवाब देने के लिए ही राष्ट्रपति भवन पर गोलाबारी की गई.

यमन की राजधानी सना में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के समर्थकों और उनके प्रतिद्वंद्वी शेख़ सादिक अल अहमर के समर्थक क़बायलियों के बीच पिछले कई दिनों से लड़ाई हो रही है.

पिछले दस दिनों के दौरान संघर्ष में 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

यमन में पिछले कई महीनों से जारी प्रदर्शनों के बावजूद पिछले 33 सालों से सत्ता में बने हुए राष्ट्रपति सालेह गद्दी से हटने से इनकार कर रहे हैं.

अमरीका ने हिंसा रूकवाने के लिए चर्चा अपने एक दूत आतंकवादरोधी सलाहकार जॉन ब्रेनन को सउदी अरब भेजा है.

लड़ाई

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Image caption राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह पिछले 33 सालों से यमन में सत्तारूढ़ हैं

शेख़ सादिक़ अल अहमर शक्तिशाली क़बायली संघ – हाशिद – के प्रमुख हैं जिसने यमन में विरोधियों के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया हुआ है.

अहमर समर्थकों और सरकारी सैनिकों के बीच पिछले सप्ताह लड़ाई छिड़ गई थी.

पिछले सप्ताह शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम के बारे में एक सहमति भी हुई थी.

लेकिन तीन दिन पहले वो सहमति टूट गई जिसके बाद भारी लड़ाई छिड़ गई है.

प्रदर्शन

शुक्रवार को सना में राष्ट्रपति सालेह के विरोधी और समर्थक दोनों प्रदर्शन कर रहे हैं.

वहाँ पिछले चार महीने से हर शुक्रवार ऐसे प्रदर्शन हो रहे हैं.

हर शुक्रवार जुमे की नमाज के बाद हज़ारों लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकलकर सत्ता परिवर्तन की माँग करते हैं.

दूसरी ओर राष्ट्रपति के समर्थक भी भारी संख्या में सड़कों पर निकलकर सरकार के लिए समर्थन व्यक्त करते हैं.

लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी अपने इरादे पर अटल होने के बावजूद इस सप्ताह ताइज़ शहर में हुई हिंसा से चिंतित हैं.

दक्षिणी यमन में स्थित ताइज़ में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया था जिससे कम-से-कम 50 लोग मारे गए थे.

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