'डाक्टर डेथ' की मौत

केवोकियान

सौ से ज़्यादा लोगों को इच्छा मृत्यु में मदद करने वाले 'डाक्टर डेथ' जैक केवोकियान की मृत्यु हो गई है.

जैक केवोकियान के वकील मेयर मौरगेन रॉथ ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया है कि केवाकियान की मौत शुक्रवार को मिशिगन के एक अस्पताल में हुई.

डेटराएट फ़्री प्रेस के अनुसार उनकी मौत ख़ून का थक्का दिल में घुस जाने से हुई.

समझा जाता है कि उन्होंने गंभीर रूप से बीमार 130 लोगों को 'आत्महत्या' में मदद की थी और वो लगभग चार साल पहले ही, साल 2007 में आठ साल की सज़ा काटकर जेल से रिहा हुए थे.

वाशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता सेटीव किंग स्टोन का कहना है कि इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि जैक केवोकियान ने 'इच्छा मृत्यु' पर बहस को तेज़ कर दिया था. आज अमरीका के तीन राज्यों में चिकित्सक की सहायता से हुई आत्महत्या को क़ानूनी दर्जा हासिल है.

मौरगेन रॉथ ने कहा कि वो निमोनिया और गुर्दे की शिकायत की वजह से पिछले एक महीने से अस्पताल में थे.

उन्होंने कहा कि मौत से पहले अस्पताल कर्मियों ने उनके लिए पुराने संगीत के रिकार्ड बजाए.

थॉमस यूक नाम के गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति की 'हत्या' के इलज़ाम में केवोकियान को 10-25 साल की सज़ा दी गई थी.

लेकिन बाद में उन्हें ख़राब स्वास्थ्य के कारण आठ साल की सज़ा ही काटनी पड़ी.

उन्होने वादा किया था कि रिहा किए जाने के बाद वो इच्छा मृत्यु में किसी की मदद नहीं करेंगे.

बीबीसी से एक बातचीत में उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने किए का कोई दुख नहीं है.

उन्होंने कहा था, "मैं जानता था कि मैं क्या कर रहा हूँ ... मैंने इसका अंजाम स्वीकार किया है क्योंकि मुझे पता था कि मेरे लिए जो सही है मुझे वही करना है."

साल 2008 में वो अमरीकी संसद के चुनाव में आज़ाद उम्मीदवार के तौर पर ख़ड़े हुए थे. लेकिन उन्हें मात्र 2.7 प्रतिशत वोट ही प्राप्त हुए थे.

उन्होंने दावा किया था कि डेटरॉयट क्षेत्र में 1990 से 1998 के दौरान 130 लोगों के आत्महत्या में मदद की थी.

साल 1928 में जन्मे, केवोकियान ने मेडिकल की शिक्षा हासिल की थी और बाद में उन्होंने एक पैथोलोजिस्ट के तौर पर काम किया.

बाद में उन्हें अपनी प्रैक्टिस बंद कर दी और गंभीर रूप से बीमार लोगों की इच्छा मृत्यु में मदद का बीड़ा उठाया.

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