लीबिया: लड़ाई में हेलिकॉप्टरों का प्रयोग

अपाचे
Image caption अपाचे हेलिकॉप्टरों ने लीबियाई सेना के कई ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है.

नेटो ने लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों के ख़िलाफ़ अपना सैन्य अभियान तेज़ कर दिया है.

अधिकारियों ने कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी की सेना के ख़िलाफ़ किए जा रहे हमलों में पहली बार हैलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया ताकि लक्ष्यों पर किए जाने वाले हमले सटीक निशाना साध सकें और नागिरकों के होनवाली क्षति में कमी लाई जा सके.

नेटो अभियान ने पिछले कुछ सप्ताह में लीबिया के सैनिक ठिकानों और कमान केंद्रों को सीधे निशाना बनाना शूरू किया है.

ब्रितानी सेना के जहाज़ पर मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ब्रितानी अपाचे हेलिकॉप्टरों ने बरेगा शहर के नज़दीक मौजूद दो सैनिक ठिकानों, एक रडार भवन और सेना के चेक प्वाएंट पर हमले कर उन्हें तहस-नहस कर दिया.

कुछ दूसरे हमलों में फ्रेंच गज़ैल हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया गया.

नेटो कमान के लेफ्टीनेंट जनरल चार्लस बाऊचार्ड ने कहा, "इन हमलों की सफ़लता दर्शाती है कि हेलिकॉप्टरों के इस्तेमाल ने लड़ाई में हमें विशिष्ट क्षमता प्रदान की है."

"जब भी और जहाँ भी ज़रूरूत हुई हम इनका इस्तेमाल करते रहेंगे. जिससे लक्ष्य पर सटीक हमले किए जा सकेंगे."

निशाना बनने का ख़तरा

रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि हेलिकॉप्टरों का प्रयोग नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है.

कर्नल गद्दाफ़ी की सेना के ख़िलाफ़ हमलों में हैलिकॉप्टर के प्रयोग का फैसला प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने 27 मई को लिया था.

हमलों में इनके प्रयोग से नागरिकों को होने वाली उन क्षतियों को रोका जा सकेगा जो मिसाईल हमलों से हो रही थी.

नेटो सेना अबतक के हमलों में टारनेडो और टाईफून मिसाईलों का प्रयोग कर रही थी.

लेकिन चूंकि हैलिकॉप्टरों को हमले करने के लिए नीची उड़ाने भरनी होगीं तो उनको निशाना बनाए जाने का ख़तरा बढ़ जाएगा.

कर्नल गद्दाफ़ी की सेना के पास अभी भी भारी मात्रा में ज़मीन से हवा मे मार करनेवाले मिसाईल मौजूद हैं.

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