'अमरीका से अनुरोध करेगा इराक़'

  • 10 जून 2011

अमरीका के रक्षा मंत्री पद के लिए नामांकित लियोन पनेटा का कहना है कि इराक़ संभवत: अमरीका से कहेगा कि इस साल के बाद भी वो देश में अपनी कुछ सैन्य उपस्थित रखे.

अमरीकी सेना को इराक़ से इस साल के अंत तक जाना है. ये बातें लियोन पनेटा ने अमरीकी सीनेट में कही हैं. सीआईए के वर्तमान प्रमुख पनेटा ने ये नहीं बताया कि कितने सैनिक इराक़ में रुक सकते हैं.

पेंटागन पिछले कुछ समय से स्पष्ट करता आया है कि वो 2011 के बाद भी अमरीका के करीब 46 हज़ार सैनिकों में से कुछ सैनिकों को इराक़ में रखना चाहता है ताकि सुरक्षा स्थिति से निपटने में इराक़ी सुरक्षाबलों की मदद की जा सके.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ पेंटागन ये नहीं चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय जगत ये सोचे कि इराक़ पर दवाब डाला जा रहा है.

इसलिए वो ये कहता आया है कि ऐसा अनुरोध करने या न करने का काम इराक़ का है. अब पनेटा ने विश्वास जताया है कि इराक़ की ओर से ऐसा अनुरोध आएगा.

विवादित फ़ैसला

माना जा रहा है कि बतौर रक्षा मंत्री पनेटा का नामांकन मान लिया जाएगा. लियोन पनेटा ने ये जानकारी नहीं दी है कि अगर अमरीकी सैनिक इराक़ में रुकते हैं तो वे किस भूमिका में होंगे.

संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि अमरीका ने इराक़ को किसी न किसी तरह से लुभाया है.

हालांकि अगर इस तरह का संकेत जाता है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कुछ अमरीकी सैनिकों को इराक़ में रुकने के लिए कहा है, तो उनके समर्थक और विरोधी दोनों इसे इस तरह देखेंगे कि ओबामा अपनी बात से पीछे हट रहे हैं.

ओबामा ने कहा था कि इस साल के अंत तक इराक़ से पूरी तरह अमरीकी सेना वापस आ जाएगी.

इस तरह का क़दम इराक़ में भी विवादित हो सकता है. वहाँ अमरीकी अड्डों पर हमलों में बढ़ोतरी हुई है. माना जा रहा है कि इन हमलों का मकसद अमरीकी सैनिकों को इराक़ में रोकने के प्रयासों में बाधा डालना है.

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