लीबिया ने बलात्कार, युद्धापराध के आरोपों का खंडन किया

  • 9 जून 2011
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Image caption मिस्राता में 14 विद्रोही सरकारी सेना को पीछे धकेलने के प्रयास में मारे गए

लीबियाई सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बहस के दौरान सरकारी सेनाओं पर लगे युद्ध अपराध के आरोपों का खंडन किया है.

अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत के वकील ने लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी पर आरोप लगाया है उन्होंने सैकड़ों विद्रोही महिलाओं के बलात्कार का आदेश दिया था और उनके पास इसके सबूत हैं.

संयुक्त राष्ट्र के जाँचकर्ताओं ने कहा है कि उनके पास इस बात के भी सबूत हैं कि लीबियाई सरकार का नेतृत्व कर रहे कर्नल गद्दाफ़ी ने बिना सोचे-समझे आम नागरिकों पर हमले करने, उन्हें प्रताड़ित करने और उनकी हत्या करने के आदेश दिय.

पलटवार करते हुए लीबियाई प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष मुस्तफ़ा शाबान ने कहा है कि नैटो और लीबिया के विद्रोहियों ने लीबियाई लोगों के ख़िलाफ़ हिंसक कार्रवाई की है.

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Image caption लीबिया पर हो रही बैठक में ब्रिटेन, फ़्रांस, अमरीका, कुवैत, क़तर, जॉर्डन शामिल हैं

उनका कहना है कि फ़रवरी से देश में शुरु हुए विरोध प्रदर्शन अभूतपूर्व सशस्त्र विद्रोह का हिस्सा थे.

संयुक्त राष्ट्र जाँचकर्ताओं का कहना है कि उन्हें लीबियाई विद्रोहियों द्वारा ज़्यादतियाँ किए जाने के सबूत भी मिले हैं लेकिन ये उतने नहीं हैं जितने सरकारी सेना के हैं.

राजनीतिक स्थिति पर यूएई में बैठक

उधर पश्चिमी ताकतें और अरब देश संयुक्त अरब अमीरात में इस विषय पर चर्चा करने के लिए मिल रहे हैं कि यदि कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता में नहीं बने रहते तो राजनीतिक स्थिति किस तरह से बदलेगी.

संभावना जताई जा रही है कि इन देशों का कॉंटेक्ट ग्रुप लीबियाई विद्रोहियों की मदद के लिए एक फंड स्थापित करेगा.

इस ग्रुप में ब्रिटेन, फ़्रांस, अमरीका और इन देशों के अरब सहयोगी - जॉर्डन, कुवैत और क़तर शामिल हैं और इनकी आबू धाबी में बैठक होनी है.

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Image caption मिस्राता में हो रही संघर्ष में 14 विद्रोही मारे गए हैं, 20 घायल हुए हैं

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन वहाँ पहुँच चुकी हैं.

नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया - "संभवत: किसी तरह के संघर्षविराम और राजनीतिक प्रक्रिया पर चर्चा होगी और फिर गद्दाफ़ी और शायद उनके परिवार के सदस्यों के सवाल पर भी चर्चा होगी."

मिस्राता में भीषण संघर्ष

उधर विद्रोहियों की प्रतिनिधि परिषद का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि वे अपने कब्ज़े वाले तेल के कुँओं से तेल निकालने का काम शुरु कर पाएँगे.

हालाँकि इसके बारे में कोई समयसीमा नहीं दी गई है लेकिन इस परिषद के वित्त मंत्री अली तारहूनी ने कहा है कि एक दिन में लगभग एक लाख बैरल तेल निकालने का काम शुरु हो जाएगा.

ये घटनाएँ उस समय हो रही है जब नैटो ने राजधानी त्रिपोली में सरकारी निशानों पर हवाई हमले तेज़ कर दिए हैं. बुधवार को त्रिपोली में कम से कम दो बड़े धमाके हुए थे.

मिस्राता शहर से ख़बरें आ रही हैं कि सरकारी सेना को वहाँ से पीछे धकेलने के प्रयास में 14 विद्रोही मारे गए हैं.

शहर के स्वास्थ्य अधिकारियों और विद्रोही प्रवक्ता का कहना है कि 20 अन्य लोग तब घायल हुए जब सरकारी सेनाओं ने तोपों का इस्तेमाल करते हुए भीषण गोलीबारी की है.