अमरीका ने सीरिया पर दबाव बढ़ाया

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Image caption जस्र अल शग़ूर के सीमावर्ती शहरों मे सेना ने विद्रोहियों पर शिकंजा कसा

अमरीका ने सीरिया सरकार से कहा है कि वह विरोधी प्रदर्शनकारियों की धर पकड़ बंद करे.

दमिश्क से अधिकारियों का कहना है कि उतरी शहर जस्र अल शग़ूर पर कब्ज़ा करने के बाद सेना शहर के सीमावर्ती इलाक़ों में विद्रोहियों पर शिकंजा कस रही है.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने विरोधियों पर शिकंजा कसने की सरकार की गतिविधियों की आलोचना करते हुए कहा, "राष्ट्रपति असद को राजनीतिक तौर पर बातचीत करने की ज़रूरत है. सीरिया में बदलाव की ज़रूरत है. अगर असद बदलाव की इस प्रक्रिया की अगुआई नहीं कर सकते, तो उन्हें अलग हट जाना चाहिए."

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने भी सीरिया सरकार के ख़िलाफ़ वक्तव्य दिया.

उन्होंने कहा, "वहां जो कुछ भी हो रहा है और सप्ताहंत पर जो कुछ हो चुका है वह बेहद निंदनीय है. हम सरकार के इस बर्बर रवैए की कड़े से कड़े शब्दों में आलोचना करते हैं."

प्रत्यक्षदर्शियों का ये भी कहना था कि अब सैनिक दक्षिण पूर्वी सीमावर्ती मारत अल नुमान की तरफ़ बढ़ रहे हैं, जहां हाल ही में सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ सरकारी इमारतों और सुरक्षा मुख्यालय पर हमले हुए थे.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सेना टैंकों के साथ उत्तर पश्चिमी गांवों में रिहायशी मकानों और फसलों को नष्ट कर रही है.

शरणार्थियों की दुर्दशा

लेकिन सरकार का कहना है कि सेना सशस्त्र विद्रोहियों की धर पकड़ कर रही है.

सीरिया और तुर्की की सीमा पर मौजूद बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड के मुताबिक़ जिस्र अल शगूर और आसपास के इलाक़ों से पलायन कर सीमा पर जमा सैकड़ों शरणार्थी बेहद डरे हुए हैं.

उनका कहना था कि असद सरकार के सत्ता में रहते वापस अपने घरों को लौटना नहीं चाहते.

उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से ये शरणार्थी बिना भोजन या शरण के सीमा पर ही टिके हुए हैं.

विरोध प्रदर्शन

बेरुत में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर के मुताबिक देश भर में जहां विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है लेकिन अब अक्सर रात के अंधेरे में प्रदर्शनकारी निकल रहे हैं.

उनका कहना था कि सैनिकों ने तटीय शहर लटाकिया की भी घेरेबंदी कर दी है.

सेना की इस कार्रवाई से हज़ारों स्थानीय निवासियों को अपने घर बार छोड़ कर तुर्की की सीमा की तरफ़ भागना पड़ रहा है.

सीरियाई केंद्रीय शहर हमा के निवासियों ने बीबीसी को बताया है कि वहां सरकारी मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

सीरिया के राष्ट्रपति असद के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत इस साल मार्च में हुई थी.

मानवाधिकार गुटों का कहना है कि इन विरोध प्रदर्शनों पर शिकंजा कसने के सरकारी प्रयासों के दौरान अब तक कम से कम 13 सौ लोग मारे गए हैं.

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