तुर्की में संसदीय चुनाव के लिए मतदान

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption प्रधानमंत्री अरदोगान की एकेपी पार्टी को जीत की उम्मीद

तुर्की में संसदीय चुनाव हो रहे हैं और प्रधानमंत्री रजब तैय्यब अरदोगान की जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) तीसरी बार चुनाव जीतने की तैयारी में है.

आठ साल तक सत्ता में रहने के बाद एकेपी को उम्मीद है कि उसे संसद में दो तिहाई बहुमत मिल जाएगा जिससे वो संविधान में संशोधन कर सकेगी.

एकेपी को मुख्य चुनौती दे रही है धर्मनिरपेक्ष रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) जिसने अपनी छवि सुधारने की कोशिश में कई युवा उम्मीदवार खड़े किए हैं.

इस्लामिक आधार वाली एकेपी के पिछले दो कार्यकाल के दौरान तुर्की में मज़बूत आर्थिक विकास हुआ है और उसने अधिक निश्चयात्मक विदेश नीति अपनाई है.

यही नहीं बेरोज़गारी भी घटी है. पिछले साल मार्च के महीने में बेरोज़गारी 14.4 प्रतिशत थी जो इस मार्च में घटकर 11.5 प्रतिशत रह गई.

इसलिए एकेपी ने आर्थिक विकास को अपने चुनाव अभियान का मुख्य केंद्र बनाया है और वादा किया है कि फिर से चुने जाने की स्थिति में वो कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरु करेगी.

इनमें काले सागर से एजियन सागर तक एक नहर बनाने, इस्तांबुल के बाहर एक नया शहर बसाने और नए पुल, हवाईअड्डे और अस्पताल बनाने की परियोजनाएं शामिल हैं.

नए संविधान का वादा

इस्तांबुल में बीबीसी के संवाददाता जॉनथन हैड का कहना है कि एकेपी अपनी विजय के लिए प्रधानमंत्री अरदोगान के आकर्षक व्यक्तित्व पर निर्भर है जिनके नाम पर विगत में भी पार्टी को सफलता मिली है.

लेकिन श्री अरदोगान को सीएचपी से कड़ी चुनौती मिल रही है क्योंकि वो 30 साल से भी अधिक समय से सत्ता से बाहर रही है.

सीएचपी के नए नेता कमाल किलिचदरोगलू के नेतृत्व में पार्टी ने उस पुरानी छवि को छोड़ने की कोशिश की है कि वो राजनीति में सैन्य हस्तक्षेप की समर्थक है.

यही नहीं वो अपने आपको यूरोपीय समाजिक लोकतांत्रिक मूल्यों की समर्थक के रूप में पेश कर रही है.

जबकि श्री अरदोगान ने सेना द्वारा तैयार किए गए मौजूदा संविधान की जगह नए संविधान की रचना करने का वादा किया है.

अगर वो दो तिहाई बहुमत जीत जाते हैं तो उन्हे इस काम के लिए विपक्ष या जनता की सलाह लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और वो तुर्की के लोकतंत्र की भावी दिशा को प्रभावित कर सकेंगे.

तुर्की नेटो का सदस्य देश है और यूरोपीय संघ की सदस्यता चाहता है.

संबंधित समाचार