शाह झुके, कहा छोड़ेंगे कुछ अधिकार

इमेज कॉपीरइट Reuters

जॉर्डन में राजनीतिक सुधार की माँग कर रहे प्रदर्शनकारियों के आगे झुकते हुए शाह अब्दुल्ला ने कहा है कि भविष्य में कैबिनेट का गठन चुने हुए संसदीय बहुमत के मुताबिक होगा.

शाह बनने की 12वीं वर्षगाँठ के मौके पर टीवी पर संबोधन में शाह अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों को नियुक्त करने के अपने अधिकार को वे छोड़ देंगे. पिछले छह महीनों से जॉर्डन में लोग शांतिपूर्ण तरीके से राजनीतिक सुधारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि वहाँ बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन नहीं हुए हैं और इसका एक कारण ये है कि शाह ने प्रदर्शनों को देखते हुए जल्द ही एक राष्ट्रीय समिति बनाने की घोषणा कर दी थी जो सुधारों पर विचार करेगी.

शाह अब्दुल्ला ने फ़रवरी में ही प्रधानमंत्री को पद से हटा दिया था जिन पर प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि वे लोगों की आर्थिक दिक्कतों के प्रति संवेदनशील नहीं है. लोगों की माँग थी कि उन्हें ज़्यादा राजनीतिक अधिकार मिलें और शाह सत्ता पर अपना पूर्ण कब्ज़ा कम करें.

छह महीनों से प्रदर्शन

इमेज कॉपीरइट Reuters (audio)

ऐसा पहली बार हुआ है जब जॉर्डन में शाह अब्दुल्ला ने सार्वजनिक स्तर पर इस तरह लोगों की बात मानी है. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि ये बदलाव कब से लागू होंगे. माना जा रहा है कि शाह चाहते हैं कि पहले जॉर्डन की अलग-अलग 33 पार्टियाँ एक हो जाएँ और तीन मुख्य पार्टियाँ बना लें जिनमें से कैबिनेट का गठन होगा.

वैसे तो लोगों ने नए संसदीय चुनावों और संविधान में बदलावों की माँग की है ताकि उन्हें ज़्यादा लोकतांत्रिक अधिकार मिलें. लेकिन संवाददाता का कहना है कि लोग ये नहीं चाहते कि जॉर्डन में शाह का काम वैसा होकर रह जाए जैसा कि ब्रिटेन में महारानी का है.

शाह ने कहा है कि और सुधारों की घोषणा की जाएगी जिसमें नए चुनाव की घोषणा और पार्टियों से जुड़े का़नून शामिल होंगे. हालांकि उन्होंने आगाह किया कि अचानक बदलाव आने से अराजकता फैल सकती है जैसे कि अन्य अरब देशों में हुआ है.

अमरीका के सहयोगी देश जॉर्डन में प्रदर्शन आमतौर पर शांतिपूर्ण रहे हैं, केवल एक व्यक्ति की मौत हुई थी.

संबंधित समाचार