'वर्ल्ड सर्विस के लिए पैरवी करेंगे'

क्रिस पैटन
Image caption पैटन ने कहा कि हिंदी, अरबी, और सोमाली भाषा की सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है

बीबीसी ट्रस्ट के प्रमुख क्रिस पैटन ने हिंदी सेवा को बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के मूल सेवाओं का हिस्सा बताया है और कहा है कि वो इसे बजट कटौती से बचाना चाहते हैं.

क्रिस पैटन ने कहा है कि उन्हें बीबीसी वर्ल्ड सर्विस से ख़ास लगाव है और इसी कारण, इसे बचाना वो अपनी प्राथमिकता मानते हैं. उन्होंने कहा कि वो ख़ासतौर पर बीबीसी की हिंदी, अरबी और सोमाली सेवा को बजट कटौती के प्रभाव से बचाना चाहेंगे.

इंग्लैंड के अख़बार ‘संडे टेलीग्राफ़’ को दिए गए एक साक्षात्कार में क्रिस पैटन ने कहा कि वो वर्ल्ड सर्विस के लिए लड़ेगे.

महत्वपूर्ण है कि वर्ल्ड सर्विस के बजट में इस साल 20 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव है.

बजट में कटौती के कारण मार्च में बीबीसी हिंदी की रेडियो सेवा को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान किया गया था, लेकिन विरोध की वजह से इसके एक कार्यक्रम दिन भर को साल भर के लिए जारी रखने का फ़ैसला किया गया था.

अख़बार के मुताबिक पैटन ने इस बात के संकेत दिए कि अगर ज़रूरत पड़ी तो फंडिंग जुटाने के लिए डिजिटल टीवी चैनलों बीबीसी-3 और बीबीसी-4 को बंद किया जा सकता है.

उधर बीबीसी ट्रस्ट ने इन संभावनाओं का खंडन किया है और कहा है कि अभी इस तरह का कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.

साख

हांगकांग के आखिरी गवर्नर रहे क्रिस पैटन ने कहा, "अगर आपको पता नहीं है कि बीबीसी कितनी अच्छी संस्था है, तो आप किसी और जगह पर अपना वक्त बिताएं."

क्रिस पैटन ने कहा कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति बीबीसी की सेवाओं को देखे और वर्ल्स सर्विस सुने तो उसे समझ में आ जाएगा कि बीबीसी कितनी महत्वपूर्ण संस्था है.

उन्होंने कहा कि वो ब्रितानी विदेश सचिव विलियम हेग से बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की फ़ंडिंग के लिए पैरवी करेंगे.

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के लिए वित्तीय मदद मुहैया करवानेवाले ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने हाल में फैसला किया है कि वो अब वर्ल्ड सर्विस की फंडिग नहीं करेगी. भविष्य में वर्ल्ड सर्विस के लिए आने वाला ख़र्च लाइसेंस फ़ी से आएगा.

पैटन ने कहा, "मुझे पता है कि विलियम हेग के लिए वर्ल्ड सर्विस की क्या अहमियत है. मुझे पता है कि हेग वर्ल्ड सर्विस को ब्रिटेन के नज़रिए को दुनिया में प्रसार का महत्पवूर्ण माध्यम मानते हैं."

ब्रिटेन का विदेश मंत्रालय 2014 से बीबीसी वर्ल्ड सर्विस को दिए जाने वाले अनुदान को बंद कर देगा जिससे वो स्थानीय टेलिविज़न लाइसेंस से मिलने वाले धन पर निर्भर हो जाएगा.

इससे पहले,बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के बजट में 20 फ़ीसदी की कटौती की गई है जिसकी वजह से पाँच भाषाई सेवाओं के प्रसारण को बंद करना पड़ा था.

लॉर्ड पैटन ने वर्ल्ड सर्विस को ऐसी संस्था बताया जिस पर सभी को गर्व है और जिसे बचाना उनकी प्राथमिकता है.

हालांकि पैटन ने माना कि भविष्य में बीबीसी के सामने जो विकल्प होंगे वो कठिन होंगे, लेकिन उन्होंने अलग-अलग सेवाओं के बारे में बात करने से इंकार कर दिया.

उन्होंने कहा, "खासकर खेलों के बारे में हमें कठिन फ़ैसले लेने होंगे और बीबीसी के लिए कई खेलों के मामलों में प्रसारण के अधिकारों के लिए बोली लगाना मुश्किल होगा."

हाल ही में आई रिपोर्टों में कहा गया है कि बजट कटौती के कारण बीबीसी न्यूज़ में ही करीब 1500 नौकरियों की कटौती की जा सकती हैं.

बीबीसी की एक प्रवक्ता ने कहा, "हम किसी टिप्पणी की दौड़ में नहीं फंसेंगे. कोई फ़ैसले नहीं लिए गए हैं, इसलिए ऐसे दावे अटकलबाज़ियाँ हैं. अगर कोई भी फ़ैसला लिया जाता है तो बीबीसी ट्रस्ट को उस फ़ैसले पर अपनी मुहर लगानी होगी."

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