भारत श्रीलंका के बीच यात्री जहाज़ सेवा

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Image caption भारत और श्रीलंका के बीच यात्री जहाज़ सेवा शुरु हुई

लगभग तीन दशकों के बाद भारत और श्रीलंका के बीच यात्रियों के लिए पोतपरिवहन सेवा शुरु हो गई है.

भारत के पोत परिवहन मंत्री जी के वासन ने तूतुकुड़िन बंदरगाह पर इसका उद्धाटन किया.

तीस साल पहले तक एक यात्री जहाज़ रामेश्वरम से श्रीलंका के उत्तरी बंदरगाह मन्नार जाया करती था लेकिन तमिल टाइगरों के साथ हो रहे संघर्ष के कारण इस सेवा को स्थगित कर दिया गया.

पिछले साल श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच हुई वार्ताओं के बाद एक संयुक्त घोषणा में इस सेवा का ज़िक्र हुआ था.

ये सेवा भारतीय पोत परिवहन कम्पनी फ़्लेमिंगो लाइनर्स प्रदान करेगी जिसे सात साल तक इस सेवा को चलाने का लाइसेंस मिला है.

आगे चलकर श्रीलंका की सरकारी कम्पनी सीलोन शिपिंग कॉरपोरेशन का एक जहाज़ भी ये सेवा शुरु करेगा.

सीलोन शिपिंग कॉरपोरेशन के सुनील ओबेदगे का कहना है कि जहाज़ यात्रा विमान यात्रा से सस्ती होगी इसलिए कम पैसे वाले लोग भी इसका लाभ उठा पाएंगे.

पर्यटन को बढ़ावा

फ़्लेमिंगो लाइनर्स के सीईओ पी के थिमैय्या ने कहा, “भारत और श्रीलंका के बीच पर्यटन के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं और हम इसे और बढ़ावा देना चाहते हैं”.

सन 2010 में एक लाख 26 हज़ार भारतीयों ने श्रीलंका की यात्रा की जबकि दो लाख 39 हज़ार श्रीलंकाई भारत आए.

इस जहाज़ में 1044 यात्रियों और 300 टन माल को ले जाने की क्षमता है.

शुरु में इसे सप्ताह में दो बार चलाया जाएगा. हर सोमवार और शुक्रवार को शाम छ बजे ये जहाज़ तूतुकुड़िन से रवाना होगा और अगले दिन सुबह आठ बजे कोलम्बो पहुंच जाएगा. इसी तरह हर बुधवार और रविवार को ये जहाज़ कोलम्बो से रवाना होगा.

फ़र्स्ट क्लास केबिन के लिए तूतुकुड़िन से किराया 19550 रुपए है जबकि कोलम्बो से 20,470 और सबसे कम किराया 2,990 रुपए और 3,128 है.

इसके अलावा इस जहाज़ में 250 सीटों वाला एक विशाल लाउंज है जिसमें बैठकें, दावतें और विभिन्न आयोजन हो सकते हैं. इसमें एक रेस्तरां और बार भी है.

इस जहाज़ से यात्रा करने के लिए यात्रियों को चार घंटे पहले टर्मिनल पर पहुंचना होगा.

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