चीन में मुद्रा स्फीति रिकॉर्ड ऊँचाई पर

चीन बाज़ार
Image caption खाद्घ पदार्थों की बढ़ती क़ीमत सरकार के लिए बड़ी चुनौती है.

चीन में मुद्रा स्फीति की दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है, आम ज़रूरत की चीज़ों की बढ़ती क़ीमतों को रोकने के सरकार के प्रयासों के बावजूद ऐसा हुआ है.

पिछले तीन वर्षों में चीन में मुद्रा स्फीति इतनी अधिक कभी नहीं रही. चीन में खाने-पीने के सामान की क़ीमतों में ग्यारह प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है जिससे निम्न आयवर्ग के लोगों का जीवन काफ़ी कठिन होता जा रहा है.

चीन में इस समय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 5.5 प्रतिशत तक पहुँच गया है. चीन में आम लोगों में अब बढ़ती महँगाई को लेकर नाराज़गी साफ़ दिखने लगी है और यह एक राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है.

जानकारों का कहना है कि चीन में क़ीमतों के नीचे नहीं बल्कि ऊपर ही जाने के आसार दिख रहे हैं.

चीनी अर्थशास्त्री शु बियाओ ने कहा, "यह लगभग तय है कि जून में चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक छह प्रतिशत तक पहुँच जाएगा." चीन की सरकार ने कहा है कि मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण करना उसकी पहली प्राथमिकता है.

चीन की सरकार ने मुद्रा स्फीति को इस वर्ष चार प्रतिशत पर रोके रखने का वादा किया था.

मुद्रा स्फीति को नियंत्रित करने की कोशिश में चीन का केंद्रीय बैंक पिछले वर्ष अक्तूबर से लेकर अब तक चार बार ब्याज दरें बढ़ा चुका है, जानकारों का कहना है कि चीन में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं ताकि महँगाई पर कुछ लगाम लग सके.

अर्थशास्त्री शिन फंग रेन ने कहा, "उपभोक्ता मूल्य सूचकांक रिकॉर्ड स्तर तक चला गया है, इसलिए अगले सप्ताह ब्याज दर फिर बढ़ाए जा सकते हैं."

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