बलात्कार की शिकार को हत्या का डर

  • 14 जून 2011
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Image caption बलात्कार का शिकार हुईं और अब इज़्ज़त के नाम पर मारी जा सकती हैं

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर का कहना है कि लीबिया की जो महिलाएँ और लड़कियाँ बलात्कार का शिकार होकर गर्भवती हुई हैं उनके परिवार वाले इज़्ज़त के नाम पर उनकी हत्या कर सकते हैं.

बलात्कार दुनियाभर में एक संवेदनशील विषय है लेकिन लीबिया में इसे कलंक माना जाता है.

यूएनएचसीआर की अरफ़त जमाल का कहना है, "लीबिया में जब किसी के साथ बलात्कार होता है तो इसे पूरे गांव या नगर की मानहानि के रूप में देखा जाता है".

लीबिया की कल्याणकारी संस्थाओं का कहना है कि उन्हे ऐसी ख़बरें मिल रही हैं कि देश के अधिक रूढ़िवादी पश्चिमी हिस्से में गद्दाफ़ी की सेनाओं ने महिलाओं और लड़कियों के साथ उनके पिता और भाइयों के सामने बलात्कार किया.

हाना अल्गाडी कहती हैं, "नग्न होकर बलात्कार का शिकार होना उनके लिए मौत से भी बुरा है. ये ऐसा इलाक़ा है जहां महिलाएं बिना पर्दा किए अपने घरों से भी नहीं निकलतीं".

अल्गाडी लीबिया के एक ऐसे संगठन से जुड़ी हैं, जो लोगों को चिकित्सा सहायता और एचआईवी परीक्षण उपलब्ध कराता है.

ये संगठन उन महिलाओं के गर्भपात के लिए धन देने को तैयार है, जिनके साथ बलात्कार हुआ.

'प्रेमवश हत्या'

लीबिया की सहायता एजेंसी 'वर्ल्ड फ़ॉर लीबिया' की नादिर अल हमेसी का कहना है, "वक़्त हमारे ख़िलाफ़ है. अभी तो गर्भ को छिपाया जा सकता है लेकिन बहुत देर तक नहीं. बहुत से बाप अपनी बेटियों की हत्या कर देंगे, अगर उन्हे पता चलेगा कि उनके साथ बलात्कार हुआ."

अल्गाडी कहती हैं, "ये हत्या प्रेमवश की जाएगी क्योंकि वो समझते हैं कि इस तरह वो अपनी बच्ची की मर्यादा की रक्षा कर रहे हैं."

इसलिए हम इन महिलाओं को गर्भपात कराने के लिए धन देने को तैयार हैं.

अल्गाडी कहती हैं कि इस बारे में फ़तवा भी जारी हो चुका है जिसमें बलात्कार की वजह से गर्भवती हुई महिलाओं को गर्भपात की अनुमति दी गई है.

अनुमान है कि क़रीब 130000 लोग पश्चिमी लीबिया से ट्यूनीशिया पलायन कर गए हैं और उनकी मदद करने वाले ग़ैर सरकारी संगठनों का कहना है कि बलात्कार की बहुत सी शिकार मदद मांगने में शर्म महसूस करती हैं.

'वर्ल्ड फ़ॉर लीबिया' संगठन उन लड़कियों तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है जिनके स्कूल पर गद्दाफ़ी के सैनिकों ने हमला किया था.

नादिर अल हमेसी कहती हैं, "हथियारबंद लोगों ने उन लड़कियों को अलग किया जिन्हे वो अधिक आकर्षक समझते थे. बाद में उनमें से एक लड़की ने अपनी कलाई काटकर आत्महत्या कर ली. हमें इसकी जानकारी उन लड़कियों से मिली जो छोड़ दी गई थीं."

अल्गाडी ने बताया, "कर्नल गद्दाफ़ी के सैनिकों ने मां, बाप और बेटे सभी के साथ बलात्कार किया. मां को जब एचआईवी संक्रमण का पता चला तो वो हमारे पास दवा लेने आई."

वायाग्रा का प्रयोग

अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत आईसीसी का कहना है कि उसे लगता है कि कर्नल गद्दाफ़ी के सैनिक बलात्कार को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

उसका कहना है कि बलात्कार करने के आदेश दिए गए और सैनिकों को वायाग्रा दवा बांटी की गई.

सेना से अलग हो चुके लीबियाई सेना के एक पूर्व मेजर ने बीबीसी को बताया कि वायाग्रा के बारे में ख़बर उन्होने भी सुनी थी लेकिन उन्होने या उनके साथियों ने कभी उसे बंटते नहीं देखा.

उन्होंने कहा, "सेना को बलात्कार के आदेश नहीं दिए गए क्योंकि कर्नल गद्दाफ़ी जानते थे कि इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. हां, भाड़े के सैनिकों को ये आदेश दिए गए."

लीबिया में यूएनएचसीआर के एक अधिकारी अरफ़त जमाल ने कहा कि उन लोगों ने ऐसे प्रमाण देखे हैं जिनसे साबित होता है कि दोनों पक्षों के लोगों ने बलात्कार किया गया लेकिन ये किस पैमाने पर हुआ ये कहना संभव नहीं.

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