लीबिया मामले में ओबामा पर मुक़दमा

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Image caption ओबामा ने मांग को ख़ारिज कर दिया है

अमरीका के कुछ सांसदों ने संसद की सहमति के बिना लीबिया में सैनिक कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा पर मुकदमा दर्ज कराया है.

दूसरी ओर ओबामा ने इन सांसदों की उस मांग को ठुकरा दिया है कि लीबिया में सैनिक कार्रवाई के लिए उन्हें उनकी सहमति की ज़रूरत है.

अपनी शिकायत में 10 सांसदों ने ओबामा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने संसद की अनदेखी करके अमरीकी संविधान का उल्लंघन किया है.

वियतनाम युद्ध के समय के एक क़ानून के मुताबिक़ युद्ध जैसी स्थिति में 60 दिनों से ज़्यादा हिस्सा लेने पर अमरीकी कांग्रेस की मंज़ूरी आवश्यक है.

लेकिन व्हाइट हाउस ने कांग्रेस को भेजी अपनी रिपोर्ट में ये तर्क दिया है कि लीबिया में अमरीका को अपनी भूमिका के लिए किसी की मंज़ूरी की आवश्यकता नहीं.

शिकायत

अपनी शिकायत में सांसदों ने रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स को भी निशाना बनाया है और उस नीति को चुनौती दी है कि कोई भी राष्ट्रपति एकतरफ़ा रूप से अमरीका को युद्ध में धकेल सकता है.

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Image caption लीबिया में नेटो की सैनिक कार्रवाई जारी है

ओहायो से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद डेनिस कुसिनिच ने कहा, "हमने अदालत से कहा है कि वो इन ग़ैर क़ानूनी नीतियों से अमरीकी लोगों की रक्षा के लिए क़दम उठाए."

अमरीकी सांसदों का कहना है कि वे चाहते हैं कि ओबामा ये बताएँ कि क्या वे युद्ध अधिकार प्रस्ताव का पालन करने की इच्छा रखते हैं या नहीं.

उन्होंने ये भी मांग की है कि ओबामा लीबिया में सैनिक कार्रवाई जारी रखने के लिए संसद की सहमति लें. अमरीकी संविधान के मुताबिक़ युद्ध का ऐलान करने का अधिकार संसद के पास है.

अगर अमरीकी राष्ट्रपति युद्ध का ऐलान किए बिना संघर्ष में अमरीकी सैनिकों को भेजने का आदेश देते हैं तो 60 दिनों के अंदर उन्हें अमरीकी कांग्रेस से सहमति लेना आवश्यक होता है, अन्यथा उन्हें ये कार्रवाई ख़त्म करनी होगी.

क़ानून के मुताबिक़ राष्ट्रपति संसद के पास प्रस्ताव लेकर जाने की अवधि 30 दिन और बढ़ा सकते हैं.

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