भारतीय महिला की मदद की गुहार

  • 16 जून 2011
फ़ज़ीला बी अब्दुल करीम इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption फज़ीला बी के परिवार ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है

मलेशिया में नशीली दवाओं की तस्करी के आरोप में मृत्युदंड की सज़ा पाने वाली भारतीय महिला के परिवार ने भारत सरकार से मदद की अपील की है.

उनका कहना है कि तमिलनाडु की फ़ज़ीला बी अब्दुल करीम को एक रोज़गार एजेंट ने जालसाज़ी करके नशीली दवाओं के साथ मलेशिया भिजवाया था.

फ़ज़ीला बी को 2.9 किलोग्राम नशीली दवा कैटामाइन लाने के ज़ुर्म में मई में मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई थी.

कैटामाइन वह दवा है जो ऑपरेशन से पहले मरीज़ को बेहोश करने के लिेए दी जाती है.

यूरोप और अमरीका में नशीली दवाओं की लत के शिकार लोग अकसर कैटामाइन का दुरुपयोग करते हैं.

फ़सीला बी के परिवार का कहना है कि वह नौकरी करने के लिए मलेशिया गई थीं.

उनका कहना था कि फ़सीला बी पहले भी खाड़ी के देश में घरेलू काम काज करने की नौकरी कर चुकी थीं.

इसलिए एजेंट ने मलेशिया में भी उन्हें ऐसी ही नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया था.

उनके परिवार का कहना है कि चेन्नई हवाई अड्डे पर एजेंट ने एक सूटकेस उन्हें थमा दिया, जिसके बारे में उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उसमें नशीली दवा है.

गुहार

रिपोर्ट है कि फ़सीला बी के परिवार ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और राज्य के पुलिस आयुक्त से संपर्क कर के इस मामले में मदद की गुहार लगाई है.

लेकिन मलेशिया की अदालत उनके इस दावे को पहले ही ख़ारिज कर चुकी है.

उनका कहना है कि वह सैलानी वीज़ा पर मलेशिया आई थी.

अदालत का यह तर्क था कि अगर वह घरेलू काम काज के लिए मलेशिया आई थी तो उनके पास अपने नियोक्ता का नाम पता और काम का परमिट होना चाहिए था.

अदालत पहले ही कह चुकी है कि उनके बयान विश्वसनीय नहीं हैं.

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