स्वैच्छिक सेवामुक्ति लेने की होड़

  • 18 जून 2011
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Image caption कर्नल स्तर के 52 अधिकारियों ने सेवामुक्ति के लिए आवेदन किया है

बड़ी संख्या में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने ब्रितानी सेना से स्वैच्छिक सेवामुक्ति का आवेदन दिया है.

लंदन से प्रकाशित अख़बार 'टेलीग्राफ़' में छपी रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में जब सेना ने 1000 सैनिकों को सेवामुक्त करने की योजना घोषित की थी तो माना यही जा रहा था कि इसमें से आधे सैनिक ही स्वैच्छिक सेवामुक्ति के लिए आगे आएंगे. लेकिन असल में 900 सैनिक सेवामुक्ति के लिए स्वत: ही आगे आए हैं.

इनमें कई वरिष्ठ सैनिक अधिकारी हैं जिनमें से कुछ को तो जल्दी ही तरक्की दी जानी तय है. ऐसे अधिकारियों में से दो के बारे में तो संभावना व्यक्त की जाती है कि यदि उन्होंने सेवामुक्ति नहीं ली तो वे सेनाध्यक्ष की कुर्सी तक पहुँच सकते हैं.

सेना छोड़ने के लिए इतने अधिकारी आगे आए हैं कि स्थिति भगदड़ जैसी लग रही है. उदाहरण के लिए कर्नल के स्तर पर 25 अधिकारियों को सेवामुक्त किया जाना है, लेकिन इस श्रेणी के 52 अधिकारियों ने सेवामुक्ति का आवेदन आगे बढ़ाया है.

टेलीग्राफ़ अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार ब्रितानी सेना की प्रसिद्ध कमांडो टीम एसएएस के पाँच अधिकारियों ने भी वोलंटरी रिटायरमेंट का आवेदन दिया है.

चिंता की बात

बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता जोनाथन बील का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों के सेवामुक्ति के लिए आगे आने से इस आशंका को बल मिलता है कि अपेक्षाकृत बेहतर सैनिक सेना छोड़ रहे हैं.

दरअसल पूरे मामले से ब्रितानी सेना के मनोबल का मुद्दा जुड़ा हुआ है.

कई पूर्व सैनिक अधिकारी खुल कर कह चुके हैं कि सशस्त्र सेना में कटौती के सरकार के प्रस्ताव से सैनिकों का मनोबल गिरा है.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्तूबर में घोषित सरकारी नीति के अनुसार ब्रितानी सेना के मौजूदा एक लाख सैनिकों में से सात हज़ार की कटौती की जानी है.

इस बीच टेलीग्राफ़ के अनुसार सेनाध्यक्ष जनरल पीटर वॉल स्वेच्छा से सेवामुक्ति का आवेदन देने वाले अधिकारियों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं.

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