पॉस्को: बारिश ने रोका भू-अधिग्रहण

  • 18 जून 2011
पॉस्को का विरोध इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption स्थानीय लोग अपनी ज़मीन देने से इनकार कर रहे हैं

उड़ीसा में जहां एक ओर लागातार हो रही बारिश की वज़ह से पॉस्को परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू नहीं हो पाया है तो दूसरी तरफ़ सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश वहां पहुंच चुके है.

पॉस्को परियोजना के विरोध में सैंकड़ों की संख्या में लोग गोबिंदपुर गांव की सीमा पर डटे हुए हैं ताकि प्रशासन को वहां प्रवेश करने से रोका जा सके.

धरने के स्थान से क़रीब एक किलोमीटर दूर एहतियात के तौर पर पुलिस की छह प्लाटून को तैनात कर दिया गया है.

स्थानीय लोग एक करोड़ 20 लाख टन की प्रस्तावित पॉस्को प्लांट परियोजना के लिए अधिकृत की जाने वाली ज़मीन का विरोध कर रहे है.

राज्य के जगतसिंहपुर ज़िले में 12 मिलियन यानी एक करोड़ 20 लाख टन क्षमता का स्टील प्लांट को लगाने का प्रस्ताव है.

ये देश में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश प्रस्ताव है.

कोई ज़बर्दस्ती नहीं

रेवन्यू डीविज़नल कमीश्नर प्रदीप्त महापात्र ने बीबीसी को बताया कि भूमि अधिग्रहण के लिए लोगों के साथ किसी भी प्रकार की ज़बर्दस्ती नहीं की जा रही है.

उनका कहना था, "सरकार यह बात कई महीनों पहले स्पष्ट कर चुकी है कि ढिंकिया पंचायत में कोई निजी ज़मीन अधिग्रहण नहीं की जाएगी और फिलहाल केवल लोगों को अवैध कब्ज़े से हटाया जा रहा है."

शुक्रवार को राजधानी भुवनेश्वर पहुँचने के बाद अग्निवेश ने कहा था , " अगर लोग अपनी ज़मीन नहीं देना चाहते तो सरकार को ज़बर्दस्ती नहीं करनी चाहिए."

अग्निवेश के अलावा कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी शनिवार को विरोधियों को समर्थन देने ढिंकिया पहुँच रहा है.

वाम दलों सहित पांच विरोधी पार्टियाँ पहले से ही यहां चल रहे आंदोलन का समर्थन कर रहीं हैं.

ये भी ख़बरें है कि नर्मदा बचाओं आंदोलन से जुड़ी कार्यकर्ता मेधा पाटेकर भी इस परियोजना के विरोध में उड़ीसा पहुंचेगी.

दूसरे कारण

आगामी 21 तारिख़ को वामपंथी पार्टी के नेता गुरूदास दास गुप्ता और बासुदेव आचार्य भी विरोधियों का साथ देने के लिए घटनास्थल जाएंगे.

17 मई से शुरू हुआ भूमि अधिग्रहण का काम पिछले शनिवार से 'रज' पर्व की छुट्टियों की वज़ह से रूका हुआ था.

शुक्रवार से भूमि अधिग्रहण का काम फिर से शुरू होना था लेकिन वर्षा के कारण वह दोबारा रूक गया.

शनिवार से इलाक़े में हल्की बूंदा बांदी हो रही है ऐसे में अधिग्रहण की संभावना कम ही नज़र आ रही है.

लेकिन सूत्र भूमि अधिग्रहण का काम दोबारा शुरू न होने के कारण कुछ और बता रहे हैं.

पहला कारण तो ये बताया जा रहा है कि सरकार अभी तक तय नहीं कर पाई है कि गोबिंदपुर की सीमा पर पहरा दे रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया जाए या नहीं.

दूसरा यह है कि जगतसिंहपुर के ज़िलाधीश नारायण चंद्र जेना अपने बेटे की शादी के लिए सोमवार तक छुट्टी पर हैं और उनकी ग़ैरमौजूदगी में दूसरे अधिकारी पुलिस बल के प्रयोग के बारे में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते.

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