इतिहास के पन्नों से

  • 25 जून 2011

इतिहास के पन्नों को अगर पलट कर देखें तो 25 जून को ही भारत में इंदिरा सरकार ने आपातकाल लागू किया था. इसी दिन उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर आक्रमण किया था. साल 2005 में इसी दिन कट्टरपंथी महमूद अहमदीनेजाद पहली बार ईरान के राष्ट्रपति बने थे.

1975 : भारत में आपातकाल लागू

Image caption आपातकाल के बाद 1977 के आम चुनावों में कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई थी

वर्ष 1975 में इंदिरा गाँधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की सलाह पर भारत के राष्ट्रपति फ़खरुद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की थी.

आपातकाल लागू करने के साथ ही देश में लोगों के तमाम जनतांत्रिक और मूलभूत अधिकार निलंबित कर दिए गए थे. इसके अलावा अख़बारों और समाचार के सभी माध्यमों के ऊपर सेंसरशिप लागू कर दी गई थी.

देश के सभी विपक्षी दलों के नेताओं जैसे अटल बिहारी वाजपेयी, जयप्रकाश नारायण, जॉर्ज फर्नांडिस, जेबी कृपलानी, और चरण सिंह सहित कई लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

सरकार ने देश में आपातकाल का कारण घोर आतंरिक अस्थिरता बताया था.

राजनीतिक विश्लेषक इस आपातकाल के पीछे इलाहबाद हाईकोर्ट के उस निर्णय देखते हैं जिसमें इंदिरा गांधी के रायबरेली से चुनाव को रद्द कर उन्हें छह साल के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दे दिया गया था.

ये आपातकाल जनवरी 1977 में जा कर समाप्त हुआ. प्रख्यात गांधीवादी विनोबा भावे ने इस आपातकाल का समर्थन किया था और इसे अनुशासन पर्व कहा था.

1950 : उत्तर कोरिया का दक्षिण कोरिया पर हमला

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Image caption उत्तर और दक्षिण कोरिया दोनों ने एक दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया था

वर्ष1950 में इसी दिन उत्तर कोरिया की सेनाएं कई जगहों से दक्षिण कोरिया में प्रवेश कर गईं. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति सिंगमैन री ने संयुक्त राष्ट्र को बताया कि कम से कम 36 उत्तर कोरियाई टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां तेज़ी से दक्षिण कोरिया की राजधानी सिओल की तरफ बढ़ रही हैं.

उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग ने इस हमले को जायज़ ठहराया और कहा कि उन्होंने ये अपने बचाव में किया है.

उनका कहना था कि हमला पहले दक्षिण कोरिया की तरफ से किया गया.

कोरिया का विभाजन द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात जापान की सेनाओं के वापस चले जाने के बाद हुआ था. सोवियत संघ की सेना उत्तरी कोरिया पर काबिज थीं और अमरीकी सेनाएं दक्षिण कोरिया पर.

उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध जुलाई, 1953 तक चला था.

2005 : कट्टरपंथी अहमदीनेजाद की जीत

Image caption महमूद अहमदीनेजाद की जीत के साथ ईरान में सभी सत्ता के केन्द्रों पर कट्टरपंथी का कब्ज़ा हो गया था

ईरान के राष्ट्रपति चुनावों में अति कट्टरपंथी माने जाने वाले महमूद अहमदी नेजाद की जीत की घोषणा भी 25 जून को ही हुई थी.

अहमदीनेजाद ने 62 फ़ीसदी मतों के साथ ये जीत दर्ज की. पहले ऐसा माना जा रहा था कि पूर्व राष्ट्रपति और नरमपंथी अकबर हाशमी रफ़संजानी से उनका मुकाबला कड़ा होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

अपनी जीत के बाद अहमदीनेजाद ने दुनिया के सामने ईरान को एक आधुनिक, विकसित और इस्लामी राष्ट्र की मिसाल के तौर पर पेश करने का वायदा किया.

माना गया कि अहमदीनेजाद की जीत के पीछे देश की ग़रीब जनता और बेरोज़गार युवाओं का समर्थन था.

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