कनाडाई कंपनी ने बांग्लादेशी मंत्री को रिश्वत दी

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Image caption अदालत ने कंपनी और भी कई सारी पाबंदियां लगाई हैं.

कनाडा की एक अदालत ने तेल और गैस कंपनी निको रिसोर्सेज़ लिमिटेड को बांग्लादेश के एक पूर्व मंत्री को रिश्वत देने का दोषी क़रार दिया है और उस पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है.

शुक्रवार को अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निको कंपनी को 96 लाख डॉलर का जुर्माना भरना होगा.

कंपनी ने रिश्वत देने की बात मान ली है और अदालत के फ़ैसले के अनुसार जुर्माना अदा करने की बात स्वीकार कर ली है.

निको कंपनी पर आरोप था कि उसने 2005 में बांग्लादेश स्थित कंपनी के एक कुएं में आग लगने से उठे विवाद को शांत करने के लिए उस समय के ऊर्जा मंत्री मुशर्रफ़ हुसैन को रिश्वत दी थी.

ऊर्जा मंत्री को ही ये तय करना था कि कुएं में लगी आग के कारण हुई क्षति के लिए कंपनी को कितना मुआवज़ा देना था.

रिश्वत के रूप में कंपनी ने ऊर्जा मंत्री को एक टोयोटा लैंड क्रुज़र कार और बांग्लादेश से कनाडा और अमरीका आने जाने का ख़र्चा दिया था.

बांग्लादेश मीडिया में ये ख़बर आने के बाद तत्कालीन मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

कनाडा की अदालत में कंपनी के ख़िलाफ़ करप्शन ऑफ़ फ़ौरेन पब्लिक ऑफ़िशियल्स क़ानून के तहत मुक़दमा चल रहा था.

कंपनी ने सुनवाई के दौरान अपना जुर्म क़बुल कर लिया था और तभी अदालत ने अपना फ़ैसला सुनाया.

अदालत का आदेश सुनाते हुए न्यायमूर्ति स्कॉट ब्रूकर ने कहा, ''ये सभी कनाडाई नागरिकों के लिए शर्म की बात है और कैलगेरी की छवि पर काला धब्बा है.''

कंपनी ने भी अपनी ग़लती स्वीकारते हुए कहा है कि वो भविष्य में ऐसा ना हो इसके लिए कड़े क़दम उठाएगी.

कंपनी के मुख्य अधिकारी एड सैंपसन ने कहा, ''जो हुआ वो ग़लत था. हम अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हैं और जो कार्रवाई हुई है उसकी गंभीरता की सराहना करते हैं.''

सैंपसन के अनुसार कंपनी ने एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त करने का फ़ैसला किया है जो इस बात की देखरेख करेगा कि कंपनी सारे काम क़ानूनी तौर पर सही तरीक़े से कर रही है या नहीं और वो सीधे कंपनी के निदेशक मंडल को जवाबदेह होगा.

उधर बांग्लादेश में जब बीबीसी ने पूर्व ऊर्जा मंत्री मुशर्रफ़ हुसैन से उनकी प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने रिश्वत लेने की बात से साफ़ इनकार कर दिया.

उन्होंने इतना ज़रूर माना कि वो कनाडा और अमरीका गए थे लेकिन ये दौरा कंपनी की तरफ़ से प्रायोजित नहीं था. उन्होंने कहा कि वो अपने वकील से सलाह लेंगे कि इस मामले में क्या क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

जब इस सिलसिले में बीबीसी ने बांग्लादेश के मौजूदा क़ानून मंत्री शफ़ीक़ हुसैन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि मामला भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के अंतर्गत है.

बीबीसी से बातचीत के दौरान बांग्लादेश भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के अध्यक्ष ग़ुलाम रहमान ने कहा, ''पूर्व मंत्री के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी और कनाडा की अदालत के फ़ैसले को आधार बनाकर इस मामले की जांच होगी.''

अदालत के इस फ़ैसले के बाद टोरंटो स्टॉक मार्केट में निको कंपनी के शेयरों में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है जो कि मई 2009 से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है.

निको कंपनी भारत और बांग्लादेश के अलावा पाकिस्तान, इंडोनेशिया और कई देशों में तेल और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में काम करती है.

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