हैकिंग को कहा अलविदा

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Image caption हैकरों के समूह ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे हैकिंग का काम जारी रखें.

पिछले दो महीनों में कई महत्वपूर्ण वेबसाइटों पर साइबर अटैक करने वाले एक हैकर समूह ने घोषणा की है कि वे अब हैकिंग का काम बंद करने वाले हैं.

लुल्ज़ सिक्युरिटी नाम के इस समूह ने ये घोषणा अपने ट्विटर अकाउंट पर की लेकिन इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया गया है.

ये समूह पिछले महीनों सोनी और निन्टेंडो जैसी कंपनियों पर साइबर हमला कर चुका है. यहां तक कि टेलिविज़न कंपनी फ़ॉक्स एंड पीबीएस, अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए और अमरीकी संसद भी इस समूह के हमले का शिकार रह चुके हैं.

हैकिंग बंद करने की घोषणा के साथ इस समूह ने कुछ ऐसे दस्तावेज़ भी जारी किए जिसमें कथित तौर पर एरिज़ोना पुलिस विभाग और अमरीकी टेलिकॉम कंपनी एटी एंड टी की गोपनीय जानकारी है.

संवाददाताओं का कहना है कि लुल्ज़ सिक्युरिटी की ये घोषणा इस बात का संकेत हो सकती है कि हाल ही में हैकरों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई तेज़ होने के बाद उन्हें अब पकड़े जाने का डर सता रहा है.

हालांकि इस बात की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है कि घोषणा करने वाला समूह असली है या नहीं.

घोषणा में लिखा है, “हमारे समूह की ओर से आप सभी को साल 2011 की शुभकामनाएं. इसी के साथ अब अलविदा कहने का वक्त आ गया है. 50 दिनों तक चला हमारा सफ़र अब यहीं समाप्त होता है. अब हमें डर, खुशी, नफ़रत, प्यार और प्रेरणा को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ना चाहिए. हमें उम्मीद है कि हमारी हरकतों का कुछ न कुछ असर तो हुआ होगा.”

लेकिन इस संदेश के साथ ही समूह ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे हैकिंग का काम जारी रखें.

लुल्ज़ सिक्युरिटी ने कुछ समय पहले बीबीसी को बताया था कि वे ऊंचे तबके के लोगों को निशाना बनाना चाहते हैं, जो दूसरों के लिए नियम बनाते हैं.

ख़ुद को लुल्ज़ सिक्युरिटी का मुखिया बताने वाले एक हैकर ने ऑनलाइन चैट पर कहा कि हालांकि उनके समूह ने हैकिंग का काम सिर्फ़ एक मज़ाक के रुप में शुरु किया था, लेकिन बाद में ये राजनीति से प्रेरित होकर नैतिक मुहिम बन गई.

शुक्रवार को समाचार एजेंसी असोसिएटिड प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में लुल्ज़ सिक्युरिटी के एक सदस्य ने बताया था कि उनके समूह के पास सरकारी जानकारी से जुड़ी कम से कम पांच गिगाबाइट की सामग्री मौजूद है.

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