गज़ा जाने वाले पत्रकारों को इसराइल की चेतावनी

  • 27 जून 2011
गज़ा जा रहा जहाज़
Image caption इससे पहले भी कई जहाज़ गज़ा के लिए राहत सामग्री लेकर गज़ा पट्टी जा चुके हैं.

ग़ज़ा में फ़लस्तीनियों के लिए राहत सामग्री ले जा रहे जहाज़ पर सवार विदेशी पत्रकारों को इसराइल ने चेतावनी दी है कि अगर वे इस बेड़े में रवाना होते हैं, तो अगले 10 सालों तक उन्हें इसराइल में काम करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

इसराइल में मौजूद विदेशी पत्रकारों ने इस चेतावनी की आलोचना करते हुए इसे मीडिया की आज़ादी पर हमला बताया है.

गज़ा की ओर जा रहे जहाज़ में दर्जनों देशों से फ़लस्तीनी समर्थक कार्यकर्ता शामिल हैं और ये कारवां इस सप्ताह गज़ा के लिए रवाना होगा.

ग़ौरतलब है कि करीब एक साल पहले गज़ा की ओर बढ़ रहे ऐसे ही एक जहाज़ी बेड़े को इसराइल ने रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद हुई झड़प में नौ तुर्की कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी.

उस जहाज़ पर सीमेंट और घर बनाने का सामान था और साथ ही बड़ी मात्रा में खाने का सामान भी.

आर्थिक नाकेबंदी

लेकिन फ़लस्तीनी क्षेत्र पिछले कुछ सालों से इसराइल की ओर से लगाए गए आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर रहा है.

इसराइल ने ये नाकेबंदी गज़ा में इस्लामी गुट हमास के सत्ता में आने के बाद शुरू की थी.

इस साल की शुरुआत में एक एशियाई कारवाँ भी राहत सामग्री के साथ गज़ा के लिए रवाना हुआ था और कई परेशानियों का सामना करने के बाद सफलतापूर्वक गज़ा पट्टी तक पहुंचा था.

तीस दिनों के सफ़र के बाद ये कारवाँ पाकिस्तान, ईरान, तुर्की, सीरिया, लेबनान, मिस्र को पार करते हुए गज़ा पहुँचा.

इसराइल का कहना है कि वो पत्रकारों को चेतावनी देना चाहता है कि वे इस नए कारवाँ का हिस्सा न बनें और उसे न उकसाएं. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा करने से मीडिया में इस ख़बर को ज़्यादा तवज्जो मिलेगी.

विदेशी प्रेस असोसिएशन ने इसराइल की चेतावनी की निंदा की है. कई न्यूज़ संस्थाओं ने कहा है कि वे अपने पत्रकारों को इस जहाज़ में गज़ा भेजना चाहते हैं.

संबंधित समाचार