'चीन देगा यूरोपीय देशों को आर्थिक सहायता'

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Image caption ब्रिटेन स्थित शंघाई आटोमोटिव इंडस्ट्री कार्पोरेशन फैक्ट्री में वेन जियाबाओ.

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा है कि चीन आर्थिक दिक्क़तों का सामना कर रहे यूरोपीय देशों की सहायता करेगा.

ब्रिटेन में अपनी यात्रा के दौरान वेन जियाबाओ ने बीबीसी से कहा कि चीन ने यूरोपीय संघ के कुछ सदस्य देशों के सरकारी बॉंड (प्रतिक्षा पत्रों) में अपना निवेश और अधिक कर दिया है.

उन्होंने कहा कि ये यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था में चीन के भरोसे का प्रतीक है.

उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में चीन के निर्यात का आयात से अधिक होना वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए ठीक नहीं है.

वेन जियाबाओ ने कहा कि वो चीन में उपभोग की वस्तुओं की मांग को बढ़ाकर आयात को बढ़ावा देना चाहते हैं.

ब्रिटेन में अपनी तीन-दिवसीय यात्रा के दौरान चीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि वो चीन में ब्रितानी माल के निर्यात को बढ़ावा देंगे.

उन्होंने कहा कि इस मुश्किल की घड़ी में चीन यूरोप के साथ खड़ा है.

वेन जियाबाओ ने कहा, "ब्रिटेन आने से पहले मैं हंगरी गया था. हमने समझौता किया है कि चीन हंगरी सरकार के जारी किए जानेवाले बॉंड का एक हिस्सा ख़रीदेगा ... यानि चीन हंगरी की एक ऐसे समय में मदद करेगा जब वो दिक़्कतों का सामना कर रहा है.

"जो हम हंगरी के लिए कर रहे हैं वो दूसरे यूरोपीय देशों के लिए भी कर सकते हैं."

चीन के पास तीस खरब विदेशी मुद्रा का भंडार है और समझा जाता है कि वो अमरीकन डालर में मौजूद अपनी कुछ सम्पत्ति को बदलकर यूरो और दूसरी मुद्रा में लगा रहा है.

हाल के दिनों में जापान की जगह लेते हुए चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है और बहुत सारे यूरोपीय देश चाहते हैं कि चीन उनके देश में निवेश करे.

पिछले दिनों चीन की कंपनियों ने यूरोपीय देशों की कई कंपनियों को ख़रीदा है.

वेन जियाबाओ सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ सामरिक मामलों की एक बैठक में शामिल होंगे जिसके बाद वो जर्मनी चले जाएंगे.

हालांकि ब्रिटेन के कुछ हल्क़ो में चीन में मानवधिकार के मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है.

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