गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट

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Image caption अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत ने करनल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वॉरेंट जारी किए

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत ने लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है.

अदालत ने उन पर मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों और फ़रवरी में उठे जनविद्रोह को कुचलने के लिए नागरिकों पर हमले करने के आरोप लगाए हैं.

हेग स्थित अदालत ने कर्नल गद्दाफ़ी के दो वरिष्ठ सहयोगियों उनके बेटे सैफ़ अल इस्लाम और ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख अब्दुल्लाह अल सनूसी के ख़िलाफ़ भी वारंट जारी किए हैं.

माना जाता है कि इस संघर्ष में अब तक हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं.

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत के न्यायाधीश संजी मोनागेंग ने कहा कि ये मानना उचित है कि कर्नल गद्दाफ़ी और उनके बेटे 'लीबिया के नागरिकों के उत्पीड़न और हत्या के लिए परोक्ष रूप से ज़िम्मेदार हैं'.

अदालत के प्रमुख लुइ मोरीनो ओकाम्पो ने मई में इन वारंट की मांग की थी और कहा था कि ये तीन व्यक्ति लीबिया के नागरिकों पर 'व्यापक और सिलसिलेवार ढंग से हुए हमलों' के लिए ज़िम्मेदार हैं.

प्रमाण

मोरीनो ओकाम्पो ने कहा कि अदालत के पास ये प्रमाण है कि कर्नल गद्दाफ़ी ने स्वयं निशस्त्र नागरिकों पर हमले करने के आदेश दिए और अपने कई राजनीतिक विरोधियों की गिरफ़्तारी और यातना के पीछे भी उनका हाथ था.

लीबिया के प्रशासन ने इससे पहले कहा था कि वो अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत को मान्यता नहीं देता और न ही उसके वारंट की धमकी से चिंतित है.

रविवार को सरकार के एक प्रवक्ता मूसा इब्राहिम ने कहा कि ये अदालत अफ़्रीकी नेताओं के पीछे पड़ी है और उसकी कोई वैधता नहीं है.

लेकिन ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने गिरफ़्तारी के वारंट का स्वागत किया है और कहा है कि ये इस बात का प्रमाण है कि 'कर्नल गद्दाफ़ी देश के नेता बने रहने का अधिकार खो चुके हैं और उन्हे तुरंत हट जाना चाहिए'.

हेग ने लीबिया के प्रशासन के अधिकारियों से अपील की कि वो गद्दाफ़ी का साथ छोड़ दें और जिन्होने अत्याचार किए हैं उन्हे न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाए.

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