चीन पर खरबों डॉलर कर्ज़

  • 28 जून 2011
Image caption वर्ष 2008 से चीन की स्थानीय सरकारें ज़्यादा ऋण ले रही हैं

चीन की स्थानीय सरकारों के ऋण के पहले ऑडिट से पता चला है कि उन पर क़रीब डेढ़ करोड़ ख़रब डॉलर का कर्ज़ है.

दूसरे शब्दों में समझा जाए तो चीन में हर व्यक्ति पर क़रीब 1,200 डॉलर का कर्ज़ है.

वर्ष 2010 तक के खर्चों की व्यापक समीक्षा से कर्ज़े के बारें में मिली ये जानकारी चीनी संसद में रखी गई है.

चीन के ऑडिट विभाग ने अब कहा है कि भविष्य में ऋण लेने की सीमा निर्धारित की जाएगी.

अब स्थानीय सरकारों को बॉन्ड्स बेचकर धन एकत्र करने दिया जाएगा पर वो भी केन्द्र सरकार की अनुमति से.

दुनिया की सबसे तेज़ी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद भी चीन को चिंता है कि ऐसा कर्ज़ उसकी अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर सकता है.

मुश्किलें

अमरीका के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन चीन में कई परेशानियां भी हैं.

महंगाई एक बढ़ती समस्या है, जिसकी वजह से सूअर के मांस जैसे प्रमुख आहार के दाम आसमान छू रहे हैं.

हालांकि सरकार ने महंगाई को काबू में करने के लिए मुद्रा नीति को कड़ा किया है.

जानकार लंबे समय से स्थानीय सरकारों के ऋण को चीनी अर्थ व्यवस्था की कमज़ोरी बताते आए हैं.

इसमें से क़रीब आधा वर्ष 2008 में आर्थिक मंदी के दौरान लिया गया था.

इसमें से कुछ आर्थिक विकास के लिए अहम सड़क और रेल जैसे मूलभूत ढांचे बनाने में ख़र्च हुआ. लेकिन इसका क़ाफी हिस्सा प्रॉपर्टी के निर्माण में भी लगाया गया.

हालांकि चीन का पूरा सरकारी ऋण वार्षिक आर्थिक उत्पाद का 44 प्रतिशत है. ये जर्मनी के 75 प्रतिशत, अमरीका के 93 प्रतिशत और जापान (225 प्रतिशत, दुनिया में अधिकतम) से काफी कम है.

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