किफ़ायती योजना को ग्रीस संसद की मंज़ूरी

ग्रीस में सरकार के सुधार प्रस्तावों का विरोध इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption ग्रीस में सरकार के सुधार प्रस्तावों का विरोध

ग्रीस की संसद ने देश को क़र्ज़ में डूबने से बचाने के लिए सरकार के आर्थिक पैकेज के पक्ष में मतदान किया है. इन आर्थिक सुधारों को बचत या किफ़ायती पैकेज का नाम भी दिया जा रहा है.

इन किफ़ायती सुधारों के तहत करों में बढ़ोत्तरी और सरकारी ख़र्च में कटौती का प्रस्ताव है. इसीलिए ग्रीक जनता में ये सुधार बहुत अलोकप्रिय हुए हैं.

इन सुधारों के विरोध में ग्रीस भर में 48 घंटे की हड़ताल रखी गई और राजधानी एथेंस सहित अनेक इलाक़ों में हिंसक झड़पें होने की भी ख़बरें हैं.

कुछ वर्ष पहले शुरू हुई आर्थिक मंदी के बाद ग्रीस भारी क़र्ज़ तले दबा हुआ है और लगभग 110 अरब यूरो के क़र्ज़ का सामना करने के लिए इन आर्थिक सुधारों को अत्यावश्यक बताया जा रहा है.

सांसदों ने इन आर्थिक सुधारों को 138 के मुक़ाबले 155 मतों से मंज़ूरी दी है. हालाँकि अभी इन सुधारों पर गुरुवार को एक बार फिर मतदान होगा जिसमें एक मौजूदा क़ानून में सुधार करके ताज़ा आर्थिक पैकेज को लागू करने का रास्ता साफ़ हो सकेगा.

प्रधानमंत्री जॉर्ज पैपेन्ड्रयू का कहना है कि किफ़ायती योजना से ही देश को आर्थिक मज़बूती की दिशा में ले जाते हुए अपने पैरों पर खड़ा किया जा सकता है.

उन्होंने संसद में कहा, "हमें देश को डूबने से हर क़ीमत पर बचाना होगा. अब क़दम पीछे हटाने का समय नहीं है."

धन की क़िल्लत

अगर प्रधानमंत्री की इस योजना को संसद में मंज़ूरी नहीं मिलती तो ग्रीस के पास सिर्फ़ कुछ ही सप्ताहों में धन समाप्त हो जाता क्योंकि यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्त थी कि कोई भी आर्थिक सहायता देने से पहले ग्रीस को ये आर्थिक सुधार लागू करने ही होंगे.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption प्रधानमंत्री का कहना था कि अगर ये पैकेज लागू नहीं किया गया तो कुछ ही सप्ताह में धन समाप्त हो जाएगा

यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ग्रीस को क़र्ज़ चुकाने के लिए भारी आर्थिक सहायता देने की पेशकश कर चुके हैं.

यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने ग्रीक संसद में इस योजना के समर्थन में मतदान की प्रशंसा करते हुए इसे "राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी वाला मतदान" क़रार दिया है. संघ के अधिकारियों ने ये भी कहा है कि इस मतदान की वजह से ही ग्रीस को क़र्ज़ के गर्त में जाने से बचाया जा सकेगा.

इस मतदान के बाद अब ग्रीस को दूसरा सहायता पैकेज दिया जा सकेगा.

लेकिन ग्रीस में काफ़ी तनाव देखा गया है जहाँ मज़दूर संगठन भी इस बात को लेकर क्रोधित हैं कि इस क़िफ़ायती योजना के तहत आम लोगों पर ज़्यादा कर लगाए जाएंगे जो पहले से ही न्यूनतम आमदनी पर जीवन बसर कर रहे हैं.

संगठनों का कहना है कि पिछले काफ़ी समय से अनेक तरह की कटौतियाँ की जा रहीं हैं जिनकी वजह से आम लोगों की ज़िंदगी पहले ही बहुत प्रभावित हो रही है और बेरोज़गारी की दर 16 प्रतिशत तक पहुँच गई है.

संसद के बाहर नक़ाबपोश प्रदर्शनकारियों और दंगा विरोधी पुलिस के बीच झड़पें भी हुई हैं.

संबंधित समाचार