इतिहास के पन्नों से

छह जुलाई को ही साल 2000 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बड़े पुत्र युआन को शराब पी कर धुत पड़े होने के आरोप में गिरफ़्तार किया था जबकि आज ही के दिन 2005 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने घोषणा की थी कि 2012 के ओलंपिक खेल लंदन में आयोजित होंगे.

2000: टोनी ब्लेयर के पुत्र की अत्याधिक शराब पीने के जुर्म में गिरफ़्तारी

Image caption घटना के बाद युआन ब्लेयर ने पुलिस से माफ़ी मांगी.

आज ही के दिन वर्ष 2000 में लंदन की पुलिस ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बड़े पुत्र युआन को अत्याधिक शराब के नशे में एक सार्वजनिक मैदान से गिरफ़्तार किया था.

16 वर्षीय युआन लेस्टर स्क्वेयर में देर रात शराब के नशे में ज़मीन पर पड़े पाए गए थे.

युआन अपनी परीक्षा ख़त्म होने पर मित्रों के साथ जश्न मनाने निकले थे.

वे लगातार उल्टियाँ कर रहे थे और उनकी तबीयत ख़राब थी.

लेकिन जब डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें उपचार की ज़रुरत नहीं है, तब उन्हें चैरिंग क्रॉस पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

थाने में पहुँचने पर युआन ने अपना नाम ग़लत बताया और कहा कि वे युआन जॉन हैं.

उन्होंने अपना पता ग़लत बताते हुए अपनी उम्र भी 18 वर्ष बताई.

बाद में पुलिस की जांच में उनकी असल पहचान का पता चला और ये साबित हुआ कि वे प्रधानमंत्री के पुत्र हैं.

माना जा रहा है कि इस तरह कि घटना के बाद टोनी ब्लेयर और उनकी पत्नी शेरी ब्लेयर को बड़ा धक्का लगा है क्योंकि वे अपने बच्चों को लेकर ख़ासे जागरूक और सख्त रहे हैं.

युआन के रिहा होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि युआन को इस घटना पर दुख है और उन्हें खेद है कि पुलिस को असुविधा हुई.

2005: लंदन को 2012 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी मिली

Image caption मेज़बानी मिलने के बाद लंदन में ख़ुशी मनाते ब्रितानी नागरिक.

आज ही के दिन वर्ष 2005 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने घोषणा कर बताया कि 2012 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी लंदन को मिली है.

आयोजन के प्रबल दावेदार माने जा रहे पेरिस को 50 के मुक़ाबले 54 वोटों से हराकर लंदन ने ये मेज़बानी जीती.

2012 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए अंतिम फै़सला लिए जाने वाली बैठक सिंगापुर में हुई.

इससे पहले मॉस्को, न्यूयॉर्क और मैड्रिड की दावेदारी ख़ारिज कर दी गई थी.

ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस फ़ैसले को ऐतिहासिक क़रार दिया था.

इस घोषणा के पहले तक मेज़बानी के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस की दावेदारी सबसे मज़बूत बताई गई थी.

लेकिन लंदन की दावेदारी पेश करने वाले लॉर्ड को की बेहतरीन पेशकश के बाद लंदन की दावेदारी मज़बूत हो गई.

1948 के बाद ये पहला मौका होगा जब ब्रिटेन में ओलंपिक खेलों का आयोजन होगा.

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