'इलाज करने पर बाँध कर पीटा'

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Image caption शिया समुदाय को लम्बे समय से यह शिकायत रही है की देश के सुन्नी शासकों वाली सरकार उनके खिलाफ़ भेदभाव करती है

तीस लोगों की मौतों और महीनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद बहरीन की सरकार ने आखिरकार विपक्ष से बातचीत शुरू कर दी है. देश के सुन्नी सुलतान शाह हम्माद ने कहा है कि बातचीत के दौरान उनके सामने सभी विकल्प खुले हैं.

बातचीत में विपक्ष की तरफ से देश में बहुसंख्यक शिया समुदाय के अल विफाक नाम दल के नेता शामिल होंगे. शिया समुदाय को लम्बे समय से यह शिकायत रही है की देश के सुन्नी शासकों वाली सरकार उनके खिलाफ़ भेदभाव करती है. बातचीत शुरू करने के पहले सरकार ने सुरक्षा बलों द्वारा विरोधियों पर की गई कार्रवाई की जाँच शुरू कर दी है. इसके अलावा बहरीन में तैनात साउदी अरब की फ़ौजों की वापसी भी शुरू कर दी गई है. अभी भी विपक्ष के सैकड़ों समर्थक जेलों में बंद हैं. हाल ही में जेल से रिहा हुए एक डॉक्टर ने बीबीसी को बताया की जेल में उनकों और उनके साथी डॉक्टरों को मानसिक और शारीरिक यंत्रणाएं दी गईं. बहरीन की सरकार ने 20 डॉक्टरों को विपक्षी समर्थकों का इलाज करने के कारण जेल में बंद कर दिया था. जेल से रिहा हुए डॉक्टर ने बताया कि उन्हें आँखों पर पट्टी बाँध कर रखा गया, मारा पीटा गया और टीवी कैमरों के सामने गलत बातें कबूल करने को मजबूर किया.

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