सीरिया में लाखों का नारा - 'जाओ'

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सीरिया में लाखों लोगों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लिया है और राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ हुए इन प्रदर्शनों को देश में अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शन कहा जा रहा है.

शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद, विपक्षी कार्यकर्ताओं के मुताबिक कम से कम तीस लाख लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है. लेकिन इस आंकड़े की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि कर पाना मुश्किल है.

दमिश्क में बीबीसी संवाददाता लीना सिंजाब के अनुसार, सभी प्रदर्शनकारियों का एक ही नारा था - 'जाओ.' ये प्रदर्शन राजधानी दमिश्क समेत अनेक पूर्वी और पश्चिमी शहरों और सीमावर्ती नगरों में भी हुए हैं.

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Image caption सीरिया में असद परिवार पिछले 40 साल से सत्ता में बना हुआ है

ग़ौरतलब है कि देश में अनेक शहरों में सरकार की समर्थक सेना की कार्रवाई जारी है और मानवाधाकार संगठनों के अनुसार पूरे देश में 14 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हैं. उनके अनुसार तीन महीनों में देश में 1700 लोग मारे गए हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने चेतावनी दी है कि सीरिया की सरकार के लिए राजनीतिक सुधारों को अंजाम देने का समय निकलता जा रहा है.

ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद सीरिया में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति बशर अल असद का विरोध कर रहे हैं और राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं. असद परिवार पिछले 40 साल से वहाँ सत्ता में बना हुआ है.

विदेशी साज़िशों को कुचल देंगे: सेनाध्यक्ष

सीरिया में राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है. हमा शहर में प्रशासन की ओर से सेना की तैनाती में कुछ कमी के बाद विशाल प्रदर्शन हुए हैं.

विपक्षी नेताओं का कहना है कि देश के उत्तर-पश्चिमी नगरों में केवल दो दिनों के प्रदर्शनों में 14 लोग मारे गए हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि होम्स और दमिश्क के ख़ादम इलाक़ों में कुछ लोग मारे गए हैं. एलेप्पो इलाक़े में भी पुलिस ने आँसू गैस छोड़ी है और लाठी चार्ज किया है.

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Image caption कई जगह सेना तैनात है और टैंकों के इस्तेमाल के बावजूद प्रदर्शन हुए हैं

पूरे देश में अनेक लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. सेना ने इदलीब में टैंकों का इस्तेमाल किया है.

सेना की तैनाती और बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शनों में कमी न आने के बाद सरकार ने कुछ राजनीतिक रियायतें देने की बात कही है.

राष्ट्रपति बशर अल असद ने इस महीने के अंत में राष्ट्रीय विचार-विमर्श और राजनीतिक सुधारों की बात कही है.

इसी हफ़्ते कई महीनों में पहली बार राजधानी दमिश्क में बुद्धिजीवियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को एक सम्मेलन आयोजित करने की इजाज़त दी गई.

उधर सीरिया के थल सेना प्रमुख ने सरकारी समाचार एजेंसी द्वारा छापे गए बयान में कहा है कि देश में विदेशी साज़िशें रची जा रही हैं और नेतृत्व इन्हें कुचल देगा.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि होम्स और दमिश्क के ख़ादम इलाक़ों में कुछ लोग मारे गए हैं. एलेप्पो इलाक़े में भी पुलिस ने आँसू गैस छोड़ी है और लाठी चार्ज किया है.

पूरे देश में अनेक लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. सेना ने इदलीब में टैंकों का इस्तेमाल किया है.

जॉर्डन, यमन में भी प्रदर्शन

जॉर्डन में एक हज़ार से ज़्यादा लोगों संसद को भंग करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया है.

इससे पहले संसद में प्रधानमंत्री को बर्ख़ास्त करने की कोशिश की गई लेकिन संसद में मतदान के दौरान वे कुछ ही मतों से बच गए.

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Image caption यमन में राष्ट्रपति सालेह के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारी लाखों डॉलर के एक भ्रष्टाचार मामले में प्रधानमंत्री बाखित की भूमिका को संदिग्ध मानते हैं. जॉर्डन में इस साल कई हफ़्ते प्रदर्शन हुए हैं.

प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार को ख़त्म करने और व्यापक राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं.

यमन में भी राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के इस्तीफ़े की मांग करते हुए विशाल प्रदर्शन हुए हैं.

प्रदर्शनकारी एक अंतरिम शासकीय परिषद के गठन की भी मांग कर रहे हैं. उधर राष्ट्रपति के समर्थक भी राजधानी साना में एकत्र हुए हैं.

राष्ट्रपति सालेह सऊदी अरब में हैं जहाँ वे ख़ुद पर हुए एक जानलेवा हमले के बाद इलाज करा रहे हैं.

खाड़ी के अरब देशों की एक योजना के तहत उन पर इस्तीफ़ा देने का अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है.

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