वारंट के ख़िलाफ़ अफ़्रीकी संघ

  • 3 जुलाई 2011
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अफ़्रीकी संघ ने अपने सदस्य देशों से कहा है कि वे लीबिया के राष्ट्रपति कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ जारी वारंट पर अमल न करें. ये वारंट अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने जारी किया है.

इक्वेटोरियल गिनी में हुए अफ़्रीकी देशों के सम्मेलन के बाद अफ़्रीकी नेताओं ने कहा है कि गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ जारी वारंट ने लीबिया के राजनीतिक समाधान की उनकी कोशिशों को जटिल बना दिया है.

अफ़्रीकी संघ आयोग के प्रमुख जॉ पिंग ने कहा है कि अफ़्रीकी नेता अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के ख़िलाफ़ नहीं है लेकिन उन्हें ऐसा महसूस होता है कि सिर्फ़ अफ़्रीकी महादेश के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है.

लीबिया की सरकार के प्रवक्ता मूसा इब्राहिम ने अफ़्रीकी संघ के बयान का स्वागत किया है.

अपराध

त्रिपोली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "आईसीसी यूरोप का ग्वांतानामो बे है. ये सिर्फ़ अफ़्रीकी नेताओं के ख़िलाफ़ है. यह उन अपराधों पर ध्यान नहीं देता, जो अमरीका या यूरोपीय देश करते हैं."

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Image caption आईसीसी ने कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया है

कर्नल गद्दाफ़ी, उनके बेटे सैफ़-अल-इस्लाम और ख़ुफ़िया प्रमुख अब्दुल्लाह अल सनूसी पर आरोप है कि उन्होंने मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किया है.

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का कहना है कि उसके पास इसके सबूत हैं कि उन्होंने नागरिकों के ख़िलाफ़ हमले का आदेश दिया.

इससे पहले लीबिया के विद्रोहियों ने अफ़्रीकी संघ के बातचीत के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने कर्नल गद्दाफी को सीधे तौर पर शामिल किए बिना लीबिया के भविष्य पर बातचीत शुरू करने की पेशकश की है.

विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि लीबिया के भविष्य पर गद्दाफ़ी की कोई भूमिका नहीं है.

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