कोई ताकत हमारे भाइयों को गिरफ़्तार नहीं कर सकेगी: हिज़्बुल्ला

  • 3 जुलाई 2011
रफ़ीक़ हरीरी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption रफ़ीक़ हरीरी के वाहनों के काफ़िले को फ़रवरी 2005 में बम धमाके में उड़ा दिया गया था

शिया चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला के नेता हसन नसरल्ला ने लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के लिए संगठन के चार सदस्यों को दोषी ठहराने वाली रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र समर्थित विशेष ट्रायब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी और 22 अन्य की फ़रवरी 2005 में हत्या के मामले में हिज़्बुल्ला के सदस्यों को दोषी पाया था.

लेबनान की सरकार के पास 30 दिन का समय है जिसमें इन लोगों को गिरफ़्तार किया जाना है लेकिन नसरल्ला ने कहा कि 'इन लोगों को हिरासत में ही नहीं लिया जाएगा, अगले 300 साल में भी नहीं.'

टीवी पर प्रसारित हुआ संदेश

टीवी पर प्रसारित एक संदेश में नसरल्ला ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित ट्रायब्यूनल को 'पक्षपातपूर्ण और इसराइली षड्यंत्र का हिस्सा' बताया.

उन्होंने कहा, "विशेष ट्रायब्यूनल का हर आरोप ग़लत है और ये हमारे संगठन पर हमला करने के समान है. हमारे संगठन के ये चारों सदस्य ऐसे भाई हैं जिनका इसराइली कब्ज़े का विरोध करने का शानदार इतिहास है. कोई भी ताकत इन माननीय भाइयों को गिरफ़्तार नहीं कर पाएगी."

उधर हरीरी के पुत्र साद ने ट्रायब्यूनल के फ़ैसले का स्वागत किया है और इसे लेबनान के लिए एक ऐतिहास घड़ी बताया है.

लेबनान के गृह मंत्री ने बताया है कि दोषी पाए गए लोगों ने नाम हैं - मुस्तफ़ा बद्र अल-दीन, सलीम अल-अय्याश, असद साबरा और हसन उन्नैसी.

बेरूत में बीबीसी संवाददाता ओवेन बेनेट जोन्स के अनुसार ट्रायब्यूनल से लीक हुई जानकारी के संकेत मिलते हैं कि हिज़्बुल्ला के सदस्यों को मोबाइल फो़न के रिकॉर्ड से मिले सबूतों के आधार पर दोषी पाया गया है.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार