थाईलैंड में विपक्षी पार्टी की जीत के आसार

Image caption थाकसिन की बहन और विपक्षी उम्मीदवार यिंगलक चिनावाट ने बैंकॉक में मतदान किया

थाईलैंड में हुए आम चुनाव के बाद किए गए एग्ज़िट पोल नतीजों में विपक्षी पार्टी को मज़बूत बढ़त मिलता दिखाया गया है. इससे अपदस्थ प्रधानमंत्री थाकसिन चिनावाट की बहन के सत्ता में आने का रास्ता साफ़ होता नज़र आ रहा है.

एग्ज़िट पोल करनेवाले संगठनों का अनुमान है कि यिंगलक चिनावाट की फू थाई पार्टी को संसदीय चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल हो जाएगा.

यिंगलक चिनावाट और निवर्तमान प्रधानमंत्री अभिसित विज्जजीवा दोनों ही उम्मीदवारों ने अपने चुनाव प्रचार में थाईलैंड में सालों के राजनीतिक विभाजन को ख़त्म करने की ज़रूरत की बात कही थी.

पिछले साल विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों ने सुरक्षा बलों के साथ टकराव का रूप ले लिया था जिसमें 90 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

विपक्ष की भारी जीत की संभावना

एक एग्ज़िट पोल के मुताबिक़ विपक्षी फू थाई पार्टी को 313 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है जबकि प्रधानमंत्री अभिसित वीजाजीवा की डेमोक्रेटिक पार्टी को 152 सीटें मिलने की संभावना है.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि थाईलैंड के एग्ज़िट पोल हमेशा सही नहीं होते लेकिन इनसे चुनाव पूर्व रुझान का पता चलता है.

टेलीविज़न पर एग्ज़िट पोल के नतीजे दिखाए जाने के बाद पुइया थाई पार्टी के समर्थकों ने बैंकॉक स्थित पार्टी मुख्यालय में जश्न मनाना शुरू कर दिया.

यिंगलक चिनावाट ने कहा, ''हमें चुनाव के आधिकारिक नतीजों का इंतज़ार करना चाहिए. तभी मैं बता सकूंगी कि आज रात मैंने कैसा महसूस किया.''

लेकिन उन्होंने ये ज़रूर बताया कि थाकसिन चिनावाट ने उन्हें किया था. उन्होंने कहा, ''थाकसिन ने मुझे बधाई देने के लिए और मेरा मनोबल बढ़ाने के लिए फ़ोन किया था. उन्होंने मुझसे कहा कि हमें अभी काफ़ी ज़्यादा मेहनत करने की ज़रूरत है.''

दुबई में स्वघोषित निर्वासन का जीवन बिता रहे थाकसिन चिनावाट ने थाई टेलिविज़न से कहा,''सभी दलों को जनमत के फ़ैसले का सम्मान करना चाहिए, अन्यथा हमारे देश में शांति स्थापित नहीं हो सकेगी.''

उन्होंने ये भी कहा कि वो थाईलैंड लौटना चाहते हैं लेकिन उसके लिए सही समय का इंतज़ार करेंगे.

बैंकॉक में बीबीसी संवाददाता करिश्मा वासवानी के मुताबिक दोनों ही पक्षों ने कहा है कि वो चुनाव के नतीजों का सम्मान करेंगे, लेकिन उनके समर्थक ऐसा करेंगे या नहीं इसे लेकर चिंता जताई जा रही है और ऐसी भी संभावना है कि अतीत की हिंसा का दौर फिर से वापस आ सकता है.

पिछले कुछ सालों में सड़कों पर प्रदर्शन हुए हैं, विमान सेवाएं बाधित हुई हैं और दोनों मुख्य पार्टियों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हो चुकी हैं.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ इससे देश की अर्थव्यवस्था और दक्षिण पूर्व एशिया में लोकतंत्र के गढ़ की उसकी छवि बुरी तरह प्रभावित हुई है.

पिछले साल प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस्तीफ़े की मांग करते हुए दो महीने तक राजधानी बैंकॉक के कुछ इलाकों को बंद कर दिया था.

जब सेना राजधानी की सड़कों को इन प्रदर्शनकारियों से खाली करवाने पहुंची तो हिंसा भड़क उठी जिसमें 91 लोग मारे गए.

लाल कुर्ते में प्रदर्शन करनेवाले ज़्यादातर लोग थाकसिन चिनावाट के समर्थक थे जिनकी सरकार को 2006 में हुए सैनिक तख़्तापलट में गिरा दिया गया था.

अहम चुनाव

चुनाव के नतीजे रविवार देर शाम आने की संभावना है.

Image caption 500 सदस्यीय संसद के निचले सदन के लिए हुए मतदान

लेकिन मतदान ख़त्म होने के तुरंत बाद जारी किए गए एग्ज़िट पोल नतीजों में पुइया थाई पार्टी को भारी जीत हासिल होने की संभावना जताई गई है. सुआन ड्यूसित यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एग्ज़िट पोल में फू थाई पार्टी को 313 सीटें दी गई हैं जबकि डेमोक्रैट्स को 152 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. वहीं बैंकॉक की एबीएसी यूनिवर्सिटी के पोल में थिंगलक चिनावाट की पार्टी को 299 सीटें दी गई हैं जबकि अभिसित वीजाजीवा की पार्टी को 132 सीटें मिलने की अनुमान लगाया गया है.

थाईलैंड के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की 500 सदस्यीय संसद के लिए हुए चुनाव में 40 से ज़्यादा राजनीतिक दलों ने 3,832 उम्मीदवार खड़े किए हैं.

मतदान की द्विस्तरीय व्यवस्था में 375 सांसद चुनाव क्षेत्रों से चुने जाएंगे जबकि 125 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर चुने जाएंगे. थाईलैंड में क़रीब 4.7 करोड़ वैध मतदाता हैं.

यिंगलक चिनावाट बैंकॉक के एक स्कूल में सुबह-सुबह सबसे पहले वोट डालनेवालों में से थीं.

वोट डालने से पहले उन्होंने मुस्कुरा कर टेलिविज़न कैमरों को अपना पहचान पत्र दिखाया.

उन्होंने कहा, ''मेरा समर्थन करनेवाले सभी लोगों को मैं शुक्रिया कहना चाहती हूं.''

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि यिंगलक राजनीतिक नौसिखिया हैं और उनकी लोकप्रियता इस वजह से है कि वो अपने भाई थाकसिन चिनावाट की नीतियों का ही प्रचार करती रही हैं जो कि फू थाई पार्टी के असल नेता माने जाते हैं.

थाकसिन भ्रष्टाचार के मामले में फंसने से बचने के लिए दुबई में रह रहे हैं.

निवर्तमान प्रधानमंत्री अभिसित विज्जजीवा ने भी बैंकॉक में अपना वोट डाला और लोगों से अपील किया कि वो जल्दी से अपने मताधिकार का प्रयोग करें क्योंकि ये चुनाव थाईलैंड के लिए बेहद अहम है.

विज्जजीवा ने कहा कि पुइया थाई पार्टी को वोट करने का मतलब है थाकसिन चिनावाट को वोट करना.

उन्होंने अपनी पार्टी के नारे की ओर इशारा करते हुए कहा, ''थाकसिन सोचते हैं, फू थाई उसे लागू करती है.''

उन्होंने ये भी कहा कि थाईलैंड को थाकसिन नाम के ज़हर से मुक्ति मिलनी चाहिए.

विश्लेषकों का कहना है कि फू थाई पार्टी अगर चुनाव में जीत जाती है तो सबकी निगाहें एक बार फिर सेना पर होंगी जो कि राजनीतिक प्रक्रिया में लगातार हस्तक्षेप करती रही है.

सेना प्रमुख जनरल प्रयुथ चान-ओचा ने गुरुवार को ज़ोर देकर कहा कि वो तटस्थ बने रहेंगे.

थाईलैंड में 1932 में लोकतंत्र की स्थापना होने के बाद से 18 बार सफल-असफल सैन्य विद्रोह हो चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जो भी चुनाव जीतेगा उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती बंटे हुए देश में एकता स्थापित करने की होगी, साथ ही उसे घायल लोकतंत्र का उपचार भी करना पड़ेगा.

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