मां बनना है तो दाँत साफ़ करो

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Image caption गर्भधारण के लिए दाँत की सफ़ाई ज़रूरी

औरतें जो गर्भधारण करना चाहती है, उन्हें नियमित रूप से अपने दाँतों की सफ़ाई करनी चाहिए.

डॉक्टरों के अनुसार दाँतों की ख़राब हालत बांझपन के लिए उतनी ही ज़िम्मेदार है जितना मोटापा.

ख़राब दाँत से गर्भधारण में कम से कम दो महीने देर हो सकती है.

स्वीडन में महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर हुए एक सम्मलेन में इस बात पर चर्चा हुई कि किस तरह मसूड़ों की बीमारी वाली महिलाएँ सामान्य रूप से पांच महीने के बदले सात महीने में गर्भवती हुईं.

उनका मानना है कि इसकी मुख्य वजह मसूड़ों का सूजन. अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जाए तो इससे शरीर के सामान्य काम करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है.

गर्भधारण से रिश्ता

दाँत और मसूड़ों की बीमारी पेरीडोन्टल को पहले ही दिल की बीमारी, टाइप-2 डायबिटीज़, गर्भपात और मर्दों में कम शुक्राणुओं के लिए ज़िम्मेदार समझा जाता है.

ऑस्ट्रेलिया से जारी ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ जिन महिलाओं मे मसूड़ों की बीमारी पाई गई, उनके ख़ून का स्तर उतना बढ़ जाता है और उससे सूजन बढ़ जाती है.

ये रिपोर्ट 3,500 औरतों पर किए शोध पर आधारित है.

प्रमुख शोधकर्ता रोजर हार्ट का कहना है कि अब तक ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं छपी है, जिसने इस बात की जांच की हो कि मसूड़ों की बीमारी का औरतों के गर्भधारण से कोई रिश्ता है. ये पहली बार है कि इस बीमारी को भी बांझपन या देरी से गर्भधारण का एक कारण माना जा रहा है.

उनका कहना है कि जो महिलाएं गर्भवती होने की मंशा रखती हैं, उन्हें अब अपने दाँतो के डाक्टर के पास नियमित रूप से जाना चाहिए. ये उसी तरह ज़रूरी है जैसा कि बाक़ी बातें.

ब्रिटेन में प्रजनन विशेषज्ञ डॉक्टर ऐलन पेसी का कहना है कि ये सामान्य सुझाव है कि अगर आप मां बनना चाहती हैं तो आप पूरी तरह से स्वस्थ हों.

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