सीरियाई सेना पर लगे गंभीर आरोप

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मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दावा किया है कि सीरिया की सरकारी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किया है.

संगठन का कहना है कि इस साल मई में सीमावर्ती शहर तेल कलख में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सेना ने बर्बर तरीक़े से कार्रवाई की.

एमनेस्टी की रिपोर्ट में सरकारी सेना पर हत्या, प्रताड़ना और बिना किसी अपराध के लोगों को हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया है.

संगठन का कहना है कि उसे ये सूचना सीरिया छोड़कर लेबनान भागे हज़ारों लोगों ने दी है.

एमनेस्टी का ये भी दावा है कि इंटरव्यू के दौरान ये बात भी सामने आई कि लेबनान भागकर आए हर परिवार का कोई न कोई सदस्य इस समय हिरासत में है.

दावा

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि नौ लोगों की हिरासत में मौत हो चुकी है.

संगठन के मुताबिक़ उसे यह भी जानकारी मिली है कि हिरासत में लोगों को बिजली के झटके तक दिए जाते हैं.

अभी तक सीरिया की सरकार ने इस रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

सीरिया में कई महीनों से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए. विपक्ष के मुताबिक़ प्रदर्शनों के दौरान 1300 लोग मारे गए.

जबकि सरकार का दावा है कि 500 सुरक्षाकर्मियों ने भी अपनी जान गँवाई.

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