पत्रकारों को जासूसी के संदेह में पकड़ा

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption राजधानी तिबलिसी में पत्रकारों की गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे साथी पत्रकार

पूर्व सोवियत राष्ट्र जॉर्जिया में तीन प्रेस फ़ोटोग्राफ़रों को जासूसी के संदेह में गिरफ़्तार कर लिया गया है.

इनमें जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकाश्विली का अपना निजी फ़ोटोग्राफ़र भी शामिल है.

जॉर्जिया के गृह मंत्रालय का कहना है कि इन लोगों पर देशहित के विरूद्ध एक अज्ञात विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसी के लिए काम करने का आरोप है.

मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई सूचना के अनुसार राष्ट्रपति के फ़ोटोग्राफ़र के अतिरिक्त हिरासत में बंद दो पत्रकारों में से एक जॉर्जिया के विदेश मंत्रालय के लिए काम करता है जबकि दूसरा यूरोपीय प्रेसफ़ोटो एजेंसी का पत्रकार है.

राष्ट्रपति के फ़ोटोग्राफ़र की पत्नी को भी गिरफ़्तार किया गया है.

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के भी एक फ़ोटोग्राफ़र को गिरफ़्तार किया गया था लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया.

चारों फ़ोटोग्राफ़रों को गुरूवार सुबह उनके घरों से गिरफ़्तार किया गया था.

उनके संबंधियों ने बताया कि सादी वर्दी में कुछ पुलिसकर्मी बिना पहले से कुछ कहे आए और आकर कैमरों और कंप्यूटरों को ज़ब्त कर लिया.

जॉर्जिया में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं जब अधिकारियों ने जासूसी के आरोप में लोगों को हिरासत में लिया हो.

रूस-जॉर्जिया

इसके पहले के सभी मामलों में पकड़े गए लोगों पर रूस के लिए काम करने का आरोप लगाया गया था जिसके साथ 2008 में जॉर्जिया की लड़ाई हुई थी.

ऐसी हर गिरफ़्तारी के बाद रूस ने काफ़ी कठोर प्रतिक्रिया की थी.

पिछले साल नवंबर में 13 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था जिनपर रूसी सेना की ख़ुफिया शाखा के लिए काम करने का आरोप लगाया गया.

रूस सरकार ने इन दावों को फ़र्ज़ी बताते हुए कहा कि जॉर्जिया जासूसी को लेकर अतिसंदेह में घिरा हुआ है.

फिर 2006 में जॉर्जिया मे चार संदिग्ध रूसी जासूसों की गिरफ़्तारी टीवी पर दिखाई गई जिसके बाद रूस से सैकड़ों जॉर्जियाई लोगों को बाहर निकाला गया. इस बार ये मामला अलग है क्योंकि पहली बार पत्रकारों पर जासूसी का आरोप लगाया गया है.

संबंधित समाचार