साइप्रस धमाके में 12 की मौत

  • 11 जुलाई 2011
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Image caption साइप्रस का बिजली घर भी धमाकों से फैली आग की चपेट में आ गया

दक्षिणी साइप्रस के प्रमुख नौ सेना के अड्डे पर हुए धमाकों में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं और 30 से ज़्यादा घायल हैं.

स्थानीय समय के अनुसार सुबह छह बजे ज़ियागी के इवॉनग्लोस फ्लोरॉकिस नौ सेना अड्डे के उस गोदाम में आग लग गई, जहाँ भारी तादाद में गोला बारूद रखा था.

ये युद्ध सामग्री दो साल पहले 2009 में ईरान से सीरिया जा रहे एक जहाज़ से ज़ब्त की गई थी.

साइप्रस का सबसे बड़ा बिजली घर भी धमाकों से फैली आग की चपेट में आ गया और इसके बाद देश के कई हिस्सों में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई.

बिजली प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बताया कि अभी नुक़सान का अंदाज़ा नही लगाया जा सकता, लेकिन ये भयानक दुर्घटना है.

भारी नुक़सान

सरकारी टीवी चैनल पर कहा गया है कि धमाकों की वजह से इलाक़े में संपत्ति का भारी नुक़सान हुआ है.

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि डिपो में 98 कंटेनर थे, जिनमें से दो कंटेनरों में आग लग गई.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया, "बड़ा धमाका था, दरवाज़े, खिड़की टूट गए. शीशे चकनाचूर हो गए. अंदर सब कुछ तहस-नहस हो गया. ठीक वैसे ही जैसे जब एक बम कहीं गिरता है."

बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि विस्फोट जानबूझकर किया गया.

सरकारी रेडियो के मुताबिक़ मृतकों में नौ सेना के दो सैनिक समेत चार सैनिक और अग्निशमन दल के पाँच सदस्य शामिल हैं.

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