मैं सूडान को बांटना नहीं चाहता था: बशीर

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सूडान के राष्ट्रपति ओमर अल बशीर ने बीबीसी के साथ बातचीत में अपने देश के बंटवारे पर दुख जताते हुए कहा है शांति हासिल करने के लिए ये वाजिब कीमत है.

लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि विवादित अबेई सीमा क्षेत्र को लेकर फिर से हिंसा शुरू हो सकती है.

दक्षिण सूडान का जन्म पिछले कई दशकों से चल रहे गृहयुद्ध के बाद हुआ है.

राष्ट्रपति बशीर ने कहा है कि वो सूडान की एकता को बनाए रखना चाहते थे लेकिन दक्षिण में रह रहे लोगों की भावनाओं का सम्मान करना पड़ा.

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं किया जाता तो एक बार फिर से हिंसा शुरू होने का डर था.

लेकिन राष्ट्रपति बशीर ने दक्षिण सूडान को चेतावनी भी दी है.

Image caption राष्ट्रपति बशीर ने कहा है कि सीमा विवादों की वजह से हिंसा फिर शुरू हो सकती है.

उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि विवादित क्षेत्रों ख़ासकर अबेई सीमाक्षेत्र पर हुए समझौतों पर अमल नहीं हुआ तो फिर से ख़ूनख़राबा शुरू हो सकता है.

उन्होंने कहा अबेई उत्तरी सूडान का हिस्सा है और दक्षिण में उसका विलय तभी हो सकता है यदि आने वाले दिनों में वहां रहने वाले बंजारे अरब कबीले जनमत के ज़रिए उसकी स्वीकृति देत हैं.

राष्ट्रपति बशीर का कहना था कि ऐसा होना फ़िलहाल संभव नहीं दिखता है.

इस बीच दुनिया के कई देशों के नेताओं ने दक्षिण सूडान के जन्म पर बधाई संदेश जारी किए हैं.

भारत ने भी इस नए राष्ट्र को मान्यता दी है.

दशकों से हिंसा झेल रहे देश में इस समय जश्न का माहौल है.

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