हैकिंग कांड में पुलिस की खिंचाई

  • 12 जुलाई 2011
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Image caption संसद की आंतरिक मामलों की एक समिति के सामने पुलिस अधिकारियों से पूछताछ

मीडिया सम्राट रूपर्ट मरडॉक पर बहुत दबाव है कि उनकी कम्पनी न्यूज़ इंटरनेशनल सैटलाइट टेलिविज़न कम्पनी बीस्काईबी में पूरी हिस्सेदारी ख़रीदने की कोशिश छोड़ दें.

ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि वो इस संबंध में संसद में रखे जाने वाले प्रस्ताव का समर्थन करेगी.

ये प्रस्ताव बुधवार को विपक्षी लेबर पार्टी द्वारा रखा जाना है.

रूपर्ट मरडॉक के रविवारीय समाचार पत्र न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के कुछ पत्रकारों पर बहुत सी मशहूर हस्तियों, राजनेताओं, अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए सैनिकों के परिवार जनों और हत्या का शिकार हुए लोगों के परिवार वालों के फ़ोन हैक करने के आरोप हैं.

ब्रिटेन के संसद की आंतरिक मामलों की एक समिति के सामने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पेशी हुई जिसमें उन्होने कहा कि वो आतंकवाद से जूझने में लगे थे इसलिए इस मामले को अधिक समय नहीं दे सके.

लंदन की मैट्रोपॉलिटन पुलिस पर फ़ोन हैकिंग के मामले में ठीक से जांच न करने के आरोप हैं.

न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के एक पत्रकार को 2007 में राजपरिवार के सदस्यों के वॉयसमेल सुनने के आरोप में जेल हुई थी.

इसके बावजूद पुलिस ने इस मामले की गहराई में जाकर जांच नहीं की.

पूर्व उप पुलिस कमिश्नर पीटर क्लार्क जो इस जांच के इंचार्ज थे उन्होने न्यूज़ इंटरनेशनल पर आरोप लगाया कि उसने सार्थक सहयोग नहीं किया.

इसके अलावा संसाधनों की कमी थी क्योंकि 70 आतंकवाद विरोधी जांच चल रही थीं.

ये फो़न हैकिंग कांड जानी मानी हस्तियों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि अपराध के शिकार हुए लोगों तक भी पहुंचा जिससे अख़बार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे कि पत्रकारों और पुलिस अधिकारियों के बीच सांठ गांठ रही होगी.

पूछताछ के दौरान सांसदों के चेहरों पर अविश्वास साफ़ देखा जा सकता था.

ख़बर है कि रूपर्ट मर्डॉक, उनके बेटे जेम्स मर्डॉक और न्यूज़ इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी रेबैका ब्रूक्स को एक अन्य संसदीय समिति के सामने पेश होने को कहा गया है.

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